बताया गया कि आरोपी ने न्यायालय की शरण ली थी, जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी पर रोक लगा दी गई थी। इसी मामले को लेकर युवती लगातार कार्रवाई की मांग कर रही थी।
कोतवाली में बातचीत के दौरान उठाया कदम जानकारी के अनुसार रविवार शाम युवती शहर कोतवाली पहुंची थी। वहां वह पुलिस अधिकारियों से मामले को लेकर चर्चा कर रही थी। बताया जा रहा है कि वह आरोपी पक्ष को बुलाकर आमने-सामने बातचीत कराने की मांग कर रही थी। कोतवाल ने आरोपी पक्ष को सोमवार को बुलाने की बात कही थी।
इसी दौरान युवती ने अचानक आत्मदाह का प्रयास कर लिया। आग की लपटों से घिरी युवती को देखकर कोतवाली परिसर में अफरा-तफरी मच गई। मौजूद पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए आग बुझाई और उसे तत्काल चिकित्सालय पहुंचाया।
करीब 60 प्रतिशत झुलसी, मेरठ भेजा गया चिकित्सकों के अनुसार युवती लगभग 60 प्रतिशत तक झुलस गई है। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर उपचार के लिए मेरठ रेफर कर दिया गया।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक अभिषेक झा देर रात कोतवाली पहुंचे और पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली।जांच के आदेश, लापरवाही मिली तो होगी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच नगर पुलिस अधीक्षक को सौंपी गई है। उन्हें तत्काल रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।
उन्होंने कहा कि यह भी जांच की जाएगी कि कोतवाली परिसर में ऐसी कौन सी परिस्थितियां बनीं, जिनके कारण युवती ने इतना बड़ा कदम उठाया। यदि जांच में किसी स्तर पर लापरवाही सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि युवती के उपचार को प्राथमिकता दी जा रही है और मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच की जाएगी।