मेडिकल कॉलेज के चिकित्सक डॉ. रामकुमार ने बताया कि नोरोवायरस और रोटा वायरस सर्दी में बंद जगहों में आसानी से फैलता है, जिसके चलते लोगों डायरिया की समस्या बढ़ रही है। वहीं, दूषित खानपान भी शरीर को प्रभावित कर रहा है। बच्चे, महिला, बुजुर्ग, युवा सभी डायरिया की चपेट में आ रहे हैं। रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर होने की वजह से डिहाइड्रेशन की समस्या भी बढ़ रही है। परेशानी बढ़ने पर मरीजों को भर्ती भी किया जा रहा है।
विंटर डायरिया के लक्षण
-बार-बार पानी जैसे दस्त आना
-पेट में मरोड़ होना
-उल्टी आना
-कमजोरी महसूस होना
-बुखार और थकान होना
-डिहाइड्रेशन होने से होंठ फटना, सिरदर्द, चक्कर आना
विंटर डायरिया से ऐसे करें रोकथाम
-ड्रिहाइड्रेशन से बचने के लिए खूब पानी पीएं
-ओआरएस पानी पीएं
-नींबू पानी का सेवन करें
-तुरंत चिकित्सक परामर्श लें, लापरवाही न बरतें
मौसम बदल रहा है। लोग कपड़े पहनने में भी लापरवाही बरत रहे हैं। ठंड लगने से उल्टी, दस्त की समस्या बढ़ी है। विंटर डायरिया और डिहाइड्रेशन के मरीज बढ़ रहे हैं। सभी लोग इस मौसम में ठंड से बचाव करें। ....डॉ. राजेश डाबरे, फिजिशियन, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर