नितिन कुमार और ऋतिक पिकअप से दूध की सप्लाई करते थे। बुधवार देर रात दोनों सप्लाई करके लौट रहे थे, तभी गांव सराय के पास हादसा हो गया। दोनों को गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां दोनों को मृत घोषित कर दिया गया।
नहटौर स्थित नूरपुर रोड पर गांव सराय के निकट बुधवार देर रात दूध की सप्लाई लेकर जा रही पिकअप और ट्रक की घने कोहरे में टक्कर हो गई। हादसे में पिकअप सवार कोतवाली देहात थाने के ग्राम इलाइचीपुर खड़गू उर्फ सिकैड़ा निवासी नितिन कुमार (32) पुत्र अशोक और ऋतिक उर्फ गोलू (22) पुत्र धर्मपाल सिंह की मौत हो गई। दोनों दुग्ध कलेक्शन सेंटरों से दूध एकत्र कर नूरपुर स्थित डेयरी तक पहुंचाते थे।
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परिजनों के अनुसार, बुधवार को भी नितिन और ऋतिक पिकअप वाहन से दूध लेकर नूरपुर गए थे। देर रात करीब साढ़े 11 बजे दूध सप्लाई कर घर लौट रहे थे। नूरपुर रोड पर गांव सराय के पास सामने से आ रहे ट्रक से उनकी पिकअप में जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक वाहन में ही गंभीर रूप से घायल हो गए।
हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस ने एंबुलेंस से दोनों घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी।
उधर, हादसे के बाद चालक ट्रक लेकर मौके से भाग गया। घटना के बाद नूरपुर रोड पर कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित रहा। पुलिस ने मौके से क्षतिग्रस्त वाहनों को हटवाकर यातायात सुचारू कराया। परिजनों की तहरीर पर पुलिस ने अज्ञात ट्रक चालक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। सीओ अभय कुमार पांडेय का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जल्द ही फरार चालक को पकड़ लिया जाएगा।
बेटे का जन्मदिन मनाकर दूध की सप्लाई लेकर गया था नितिन
नितिन और ऋतिक उर्फ गोलू की मौत की खबर मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बुधवार को नितिन के बेटे का जन्मदिन था। सभी बेहद खुश थे। जन्मदिन मनाने के बाद नितिन और ऋतिक गाड़ी से दूध लेकर चले गए थे। नितिन अपने पीछे एक बेटी, बेटे तथा पत्नी को रोता बिलखता छोड़ गया है। ऋतिक के परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर है। उसका एक छोटा भाई है। पिता मजदूरी करते हैं। ऋतिक के कंधे पर पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। उसकी मौत से माता-पिता बुरी तरह टूट गए हैं। वे बार-बार यही कह रहे हैं कि किस्मत ने उन्हें धोखा दे दिया।