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Bijnor: सदर विधायक सुचि व उनके पति की पूर्व सांसद भारतेंद्र से दिखी तनातनी, जलशक्ति मंत्री ने कराया शांत

Fri, 12 Sep 2025 08:15 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

Discord in BJP: भाजपा के आला नेता तटबंध का निरीक्षण करने पहुंचे थे। तभी दोनों पक्ष अपनी बात कहते हुए एक-दूसरे पर हावी होने की कोशिश करते दिखे। इस मामले का वीडियो वायरल हो रहा है।
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तटबंध के निरीक्षण के दौरान ऐश्वर्य चौधरी और भारतेंद्र सिंह उलझते हुए। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बिजनौर में सदर विधायक सुचि चौधरी व उनके पति ऐश्वर्य चौधरी और पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह के बीच तनातनी अब धरातल पर दिखनी शुरू हो गई है। शुक्रवार को तटबंध के निरीक्षण के समय एक समय पर दोनों के बीच तनातनी नजर आने लगी। जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने दोनों को शांत रहने को कहा, तब कहीं जाकर मामला शांत हुआ।
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दोपहर के समय जलशक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह तटबंध के निरीक्षण पर पहुंचे। उनके साथ जिले के अफसर और नेता भी मौजूद नजर आए। बीच तटबंध पर एक समय ऐसा आया, जब पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह तटबंध के बारे में बताने लगे। वह हाथ उठाकर तटबंध के बारे में बताते दिखे कि पहले तटबंध कहां था और अब कहां तक आ गया है। 
 

इसी समय सदर विधायक सुचि चौधरी के पति ऐश्वर्य चौधरी भी हाथ उठाकर जलशक्ति मंत्री को कुछ बता रहे थे। मामले को गर्माते देख जलशक्ति मंत्री ने दोनों को शांत रहने के लिए कहा। इस दौरान ऐश्वर्य चौधरी यह कहते हुए भी दिखे कि बदतमीजी का जवाब देना पड़ेगा। सदर विधायक ने अपने पति का हाथ नीचे कराया।
 

इसलिए चल रही राजनीतिक गर्माहट
करीब पांच दिन से गलखा देवी मंदिर और तटबंध पर गंगा कटान कर रही है। उस समय पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने बाढ़ परियोजना पर 65 करोड़ रुपये आने और उसके खर्च होने पर सवाल उठा दिया था। इसके बाद सदर विधायक सुचि चौधरी ने मीडिया को बयान देते हुए कहा था कि टिकट का समय आ रहा है तो बरसाती मेंढक उछलकर दिखा रहे हैं।
 

प्रेस कांफ्रेंस के जरिए चला आरोप-प्रत्यारोप का खेल
बृहस्पतिवार को पहले सदर विधायक सुचि चौधरी और उनके पति ऐश्वर्य चौधरी ने प्रेस कांफ्रेंस की। उन्होंने इसमें सीधे तौर पर पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह पर सरकार की छवि खराब करने के लिए बाढ़ परियोजना पर सवाल उठाने के आरोप लगाए। यह क्रम यहीं नहीं थमा और आरोप निजी जीवन तक पहुंच गए। टिप्पणी करने वालों को अपनी सुरक्षा बढ़ाने तक की चेतावनी तक दे डाली गई। 
इसके बाद पूर्व सांसद भारतेंद्र सिंह ने पलटवार करते हुए यह तक कह दिया कि यह भाषा पार्टी की नहीं, उन्हें उसी पार्टी में चले जाना चाहिए, जिसमें ऐसी भाषा बोली जाती है। उन्होंने अपने पूर्वजों के राजनीतिक कॅरियर की बात भी कही।
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ये बोले भाजपा जिलाध्यक्ष
थोड़ी गलतफहमी हो गई होगी। दोनों को समझाया गया है कि शांति से राजनीति करनी चाहिए। विवाद से बचना चाहिए। दोनों ही पार्टी से जुड़े हैं, इसलिए अपनी-अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
-भूपेंद्र सिंह बॉबी, भाजपा जिलाध्यक्ष

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