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बिजनौर: स्टेट हाईवे बंद, नौ गांवों के रास्तों पर भरा बाढ़ का पानी, स्कूल नहीं जा पा रहे बच्चे, खतरे में यात्री

Tue, 08 Sep 2026 08:51 PM IST
Mohd Mustakim अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

बिजनौर में बाढ़ के पानी में कमी आई है, लेकिन दत्तियाना, सुजातपुर खादर, कुमरिया, मुजफ्फरपुर खादर, सियाली, जमालुदीनपुर का खेड़ा, जलालपुर खादर, रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी समेत कई गांवों का संपर्क अभी कटा हुआ है। 
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जलीलपुर में पांडवनगर पुलिस चौकी के निकट मेरठ रोड पर खाई को ऐसे पार कर रहे राहगीर। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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गंगा खादर क्षेत्र में मंगलवार को बाढ़ का पानी कम होना शुरू हो गया, लेकिन ग्रामीणों की मुश्किलें अभी कम नहीं हुई हैं। पिछले छह दिन से हस्तिनापुर मार्ग स्टेट हाईवे अभी भी बंद हैं, वहीं क्षेत्र के कई गांवों में सड़कें अब भी पानी में डूबी होने के कारण सामान्य आवागमन बाधित है। स्कूली वाहन नहीं पहुंचने से नौ गांवों के सैकड़ों बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। वहीं पशुपालकों के सामने पशुओं के लिए चारा जुटाना भी मुश्किल हो गया है। दैनिक यात्री जुगाड़ के पुल व ट्रैक्टर से आवागमन करने को मजबूर हैं।
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जलीलपुर में ट्रैक्टर-ट्रॉली पर सवार होकर पानी पार कर मेरठ की ओर जाने वाले राहगीर। - फोटो : अमर उजाला
ग्रामीणों के अनुसार सोमवार शाम तक कई स्थानों पर पानी बढ़ रहा था, लेकिन मंगलवार को जलस्तर में कमी आने से कुछ राहत मिली। इसके बावजूद दत्तियाना, सुजातपुर खादर, कुमरिया, मुजफ्फरपुर खादर, सियाली, जमालुदीनपुर का खेड़ा, जलालपुर खादर, रायपुर खादर और मीरापुर सीकरी समेत कई गांवों का संपर्क अभी सामान्य नहीं हो सका है। सड़कों पर पानी भरा होने के कारण स्कूली वाहन गांवों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। 

इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। कोचिंग के लिए गांवों से बाहर जाने वाले युवा भी आवागमन बाधित होने के कारण घरों में रहने को मजबूर हैं। खेतों और रास्तों में पानी भरा होने से पशुपालक हरा चारा भी नहीं ला पा रहे हैं। ऐसे में पशुओं का पेट भरना उनके लिए बड़ी चुनौती बन गया है।
 

स्टेट हाईवे पर भी आवागमन बाधित
बहसूमा-ठाकुरद्वारा स्टेट हाईवे पर भी आवागमन पूरी तरह सामान्य नहीं हुआ है। फिलहाल कुछ बाइक सवार ही जोखिम उठाकर निकल रहे हैं। क्षतिग्रस्त सड़क के स्थान पर बनाए गए अस्थायी जुगाड़ के पुल से भी लोग आवागमन कर रहे हैं। राहगीर मोहित कुमार, नागेंद्र सिंह और राकेश कुमार ने बताया कि हस्तिनापुर की ओर बाइक से जाने में आगे कोई विशेष परेशानी नहीं है, लेकिन क्षतिग्रस्त सड़क और जलभराव वाले हिस्से को पार करना सबसे बड़ी समस्या है। दैनिक यात्री अपनी कारें सड़क के दूसरे छोर पर खड़ी कर जुगाड़ के पुल और ट्रैक्टर-ट्रॉली के सहारे जलभराव को पार कर रहे हैं।
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ये बोले एसडीएम
जलभराव के कारण जहां समस्या हो रही है, वहां टीम भेजी जा रही है। अभी पानी होने के कारण कुछ रास्ते बंद हैं। ग्रामीणों को राहत भिजवाई जा रही है। 
-प्रशांत वर्मा, एसडीएम चांदपुर

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