बिजनौर गंगा बैराज के तटबंध को बचाने के लिए रातभर पेड़, पत्थर और मिट्टी से कट्टे डाले गए। सोमवार को तकनीकी विशेषज्ञों की सलाह पर बैराज के छह गेट बंद कर पानी का रुख मोड़ने का प्रयास किया गया। कटान जारी रहने से गांवों में चिंता बढ़ी।
बिजनौर जनपद में गंगा बैराज के तटबंध को बचाने के लिए रविवार रात से ही स्थानीय लोग और सरकारी अमला जुटे रहे। पूरी रात मेहनत के बाद सुबह चार बजे तक तटबंध पर पेड़, पत्थर और मिट्टी से भरे कट्टे डाले गए। रातभर काम करने वाले लोग सुबह घर लौटे तो सोमवार सुबह से दूसरे लोग राहत कार्य में जुट गए।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग के मुख्य अभियंता भी मौके पर पहुंचे और बैराज तटबंध का जायजा लिया। तकनीकी विशेषज्ञों से परामर्श के बाद बैराज के गेट संख्या एक से छह तक बंद कर दिए गए। अधिकारियों के अनुसार, इसका उद्देश्य जलाशय में पानी रोककर उसका रुख दूसरी ओर करना है ताकि तटबंध को बचाया जा सके।
इसके बावजूद कटान का सिलसिला जारी है। लगातार हो रही मिट्टी कटान से आसपास के गांवों के लोग डरे और सहमे हुए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि अगर जल्द हालात काबू में नहीं आए तो गांवों पर खतरा मंडरा सकता है।