एक महिला ने अपने पति व परिजनों के साथ मिलकर पेट्रोल पंप दिलाने के नाम पर मामा से 43 लाख रुपये से ज्यादा की ठगी कर ली। आरोपियों ने उसे पेट्रोल टैंक और फ्यूल मशीन भी भेज दी। साथ ही कुछ दस्तावेज भी उपलब्ध करा दिए। पेट्रोल पंप की मंजूरी की फाइल नहीं मिलने पर पीड़ित ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी टालते रहे। कोर्ट के आदेश पर स्थानीय पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।
नहटौर के मोहल्ला दुर्गा विहार निवासी चंद्रपाल सिंह पुत्र जीवन सिंह ने न्यायालय में दिए प्रार्थना पत्र में कहा कि नीता पत्नी प्रदीप निवासी ग्राम हरदासपुर गढी थाना हल्दौर उसकी सगी भांजी है। 10 जनवरी 2021 को वह अपने पति प्रदीप, जेठ कुलदीप, ससुर खेम सिंह, परिचित मोहित कुमार गुप्ता व उसकी पत्नी सुभद्रानंद निवासीगण नंदनगर, थाना कुंद्रा घाट, जिला गोरखपुर को साथ लेकर उसके घर आई।
इन लोगों ने बताया कि मोहित के नजदीकी रिश्तेदार पेट्रोलियम मंत्रालय में अधिकारी हैं। आरोपियों ने उन्हें नहटौर कोतवाली रोड पर हाईवे के किनारे स्थित जमीन पर पेट्रोल पंप लगवाने का झांसा दिया और पांच लाख रुपये नकद लिए।
इसके बाद उसने अलग-अलग समय पर नकद व फंड ट्रांसफर के माध्यम से कुल 43 लाख 50 हजार 35 रुपये दिए। विश्वास दिलाने के लिए आरोपियों ने 31 मार्च 2022 को एक जमीन के अंदर दबाने वाला पेट्रोल टैंक व फ्यूल मशीन भी भिजवा दी। इसके अलावा सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय भारत सरकार क्षेत्रीय कार्यालय लखनऊ से जारी कूटरचित एनओसी भी दी। बताया कि समय गुजर जाने के बाद भी आरोपियों ने उसे पेट्रोल पंप की मंजूरी की कोई फाइल नहीं दी। इस पर उसने अपनी रकम वापस मांगी। आरोपियों ने उसकी रकम वापस नहीं की।