ग्रामीणों ने बताया कि लक्ष्मण सिंह के खेत में दो खंभों पर क्षमता से अधिक तीन 63 केवी वाले ट्रांसफार्मर लगे हुए हैं। इनमें से दो ट्रांसफार्मर करीब सात माह पूर्व फुंक गए थे, जिनसे लगभग 12 किसानों के नलकूप संचालित होते हैं। लगातार बिजली संकट से परेशान किसान पिछले छह दिनों से नगर के बिजलीघर पर राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के बैनर तले धरना दे रहे हैं।
शनिवार को निगम के जेई गौतम कुमार अपनी टीम और पुलिस बल के साथ ट्रांसफार्मर बदलने के लिए मौके पर पहुंचे। तभी दूसरे पक्ष से आशा, संतोष, मेघराज सिंह, ऋषिपाल सिंह, प्रेमलता, सुजाता, प्रशांत चौहान सहित कई लोग पहुंच गए और ट्रांसफार्मर को दूसरी जगह स्थानांतरित किए जाने की मांग को लेकर विरोध शुरू कर दिया।
आरोप लगाया कि विभाग ट्रांसफार्मर शिफ्टिंग का एस्टीमेट तैयार कर चुका है, लेकिन कार्रवाई आगे नहीं बढ़ाई जा रही। ग्रामीणों का कहना था कि सात माह पहले फुंके ट्रांसफार्मर को उतारते समय विभाग का कर्मचारी कल्लू सिंह ट्रांसफार्मर के नीचे दबकर गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस घटना से ग्रामीणों में भय बना हुआ है और वे वर्तमान स्थान पर दोबारा ट्रांसफार्मर लगाए जाने का विरोध कर रहे हैं।
महिलाओं का कहना है कि खंभों पर विद्युत करंट आ जाने से कुछ लोग झुलस चुके हैं। मामला बढ़ता देख दो महिलाओं ने डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया, जिससे विभागीय टीम में अफरातफरी मच गई। मौके पर मौजूद पुलिस व जेई ने किसी तरह महिलाओं से कनस्तरी छीनकर स्थिति संभाली। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल्द समाधान का भरोसा दिलाकर मामला शांत कराया। पुलिस कुछ लोगों को पकड़कर अपने साथ थाने ले गई।