कैदी विवेक गुप्ता के मुताबिक डिप्टी जेलर अमरजीत सिंह चाहते थे कि जेल के अस्पताल में आने वाले प्रभावशाली लोगों से वह धन की उगाही करके उन्हें दे। ऐसा नहीं करने पर डिप्टी जेलर उसके साथ मारपीट करने के साथ उत्पीड़न कराते थे। दो माह पहले इसी वजह से उन्हें अस्पताल हटा दिया। मंगवार को दिन में करीब पौने बारह बजे डिप्टी जेलर का बंदी राइटर शीशपाल ने चाय में जहर मिलाकर उन्हें दे दिया। हालत बिगड़ने पर चाय में जहर देने का पता चला।
दबाव बनाने को किया जहर खाने का नाटक : जेलर
जेलर शैलेद्र प्रताप सिंह के मुताबिक कैदी विवेक गुप्ता ने जेल अधिकारियों पर दबाव बनाने के लिए जहर खाने का नाटक किया है। जेल के अस्पताल से कैदी की गतिविधियां संदिग्ध मिलने पर हटा दिया था। कैदी फिर से अस्पताल का कामकाज देखने के लिए अधिकारियों पर दबाव बना रहा था। कैदी जो आरोप लगा रहा है, वह गलत हैं। कैदी चिकित्सक पेशे से जुड़ा है। उसने क्या खाया, ये उसे ही मालूम है।
खतरे से बाहर है बंदी : चिकित्सक
इमरजेंसी मेडिकल ऑफिसर डॉ. अंकित चौधरी ने बताया कि फिलहाल मरीज की हालत खतरे से बाहर है। उसे पुलिस सुरक्षा में चिकित्सकों की देखरेख में जिला अस्पताल में भर्ती किया गया है। मरीज ने किस प्रकार के जहरीले पदार्थ खाया है, अभी इसकी स्थिति स्पष्ट नहीं हो पाई है।