24 अगस्त को पुलिस की अभिरक्षा से फरार हुआ था कुख्यात
पिछले साल कुख्यात आदित्य राणा को बिजनौर कोर्ट में एक केस में लखनऊ जेल से पेशी पर लाया गया था। बिजनौर से लौटते हुए 24 अगस्त को आदित्य राणा शाहजहांपुर में पुलिस अभिरक्षा से भाग निकला था। फरार होने से पहले आदित्य ने पुलिस अभिरक्षा में ही शॉपिंग भी की थी। जिसके बाद आदित्य पर ढाई लाख रुपये का इनाम भी घोषित किया गया। वहीं इसी साल पंद्रह जनवरी को प्रदेशीय माफिया भी घोषित किया जा चुका है। आदित्य के घर की कुर्की भी जा चुकी है लेकिन तमाम प्रयास के बाद भी वह पुलिस की पकड़ से दूर है।
40 से अधिक मुकदमे हैं दर्ज
आदित्य राणा पर चालीस से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। जिसमें हत्या, जानलेवा हमला आदि समेत गंभीर वारदातों के मुकदमे दर्ज है। आदित्य जब फरार हुआ था तो उससे संबंधित केस के गवाहों और वादी को पुलिस ने सुरक्षा मुहैया कराई थी।
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आदित्य राणा शासन द्वारा चिन्हित एक शातिर माफिया है। उसके खिलाफ चालीस से ज्यादा मुकदमे हैं। जिस पर ढाई लाख का इनाम भी है। जिसके खिलाफ कोर्ट ने गैर जमानती वारंट जारी कर रखे हैं। स्योहारा पुलिस की अपराधियों के साथ मुठभेड़ हुई है। जिसमें एक शातिर अपराधी चंद्रवीर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है जोकि आदित्य राणा का भाई है। आदित्य राणा और उसके साथियों की सजग तलाश जारी है।
- नीरज कुमार जादौन, एसपी बिजनौर