नगीना स्थित गांव काजीवाला में घेर की दीवार गिरने से चपेट में आकर कक्षा तीन के गांव चमरावाला निवासी छात्र ईशु (9) की मौत हो गई। जर्जर चाहरदीवारी को सुरक्षित रूप से तोड़ने की तैयारी पहले से चल रही थी, लेकिन मजदूरों के औजार लेकर घर पहुंचने से पहले ही यह हादसा हो गया।
मंगलवार सुबह गांव चमरावाला निवासी ईशु पुत्र गोपाल अपने छोटे भाई और तीन दोस्तों के साथ गांव काजीवाला स्थित निजी स्कूल में पढ़ने जा रहा था। रास्ते में ग्रामीण छोटे के घेर की दीवार अचानक ढह गई, जिसके मलबे में ईशु दब गया। चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और मलबे में दबे बच्चे को बाहर निकाला। चिकित्सक के पास पहुंचते ही बच्चे की मौत हो गई। बताया गया कि बाद में ग्रामीणों की मौजूदगी में दोनों पक्षों में समझौता हो गया।
सीओ नगीना राजेश कुमार सोलंकी बताया कि ग्रामीणों की ओर से इस मामले में पुलिस को कोई सूचना नहीं दी गई है।
उधर, छोटे सिंह के पुत्र चिंटू कुमार का कहना है कि मजदूरों और राजमिस्त्री को दीवार तोड़ने का काम सौंप दिया गया था। वे दीवार गिराने के लिए औजार लेने अपने घर गए हुए थे, इससे पहले ही हादसा हो गए। अगर बच्चे वहां से महज कुछ देर बाद निकलते तो शायद यह हादसा नहीं होता।
बाल-बाल बचे अन्य स्कूली बच्चे
गांव काजीवाला में दीवार ढहने से मृतक का भाई और उसके तीन साथी दोस्त बाल-बाल बच गए। ग्रामीणों के अनुसार, ईशु के ऊपर दीवार का कॉलम गिर गया था, जबकि अन्य साथी उससे कुछ ही फासले पर थे इसलिए वह हादसे में बच गए।