मंडावली। गांव सिकरौडा में 40 से अधिक ग्रामीण बीमार हैं। ग्रामीणों में बुखार के साथ खांसी के लक्षण हैं। पीड़ित ग्रामीण घरों पर तो कुछ ग्रामीण गांव के क्लीनिकों पर अपना उपचार करा रहे हैं। स्वास्थ्य विभाग से टीम गांव पहुंची, लेकिन दो-चार घरों में पुछताछ कर वापस लौट गई।
गांव सिकरौडा में करीब एक सप्ताह से ग्रामीण वायरल फीवर फैला है। बुखार और खांसी से गांव के 40 से अधिक लोगों को अपनी चपेट में लिया है। धोबी बस्ती में सबसे लोग बुखार से पीड़ित हैं। पीड़ित ग्रामीण आस-पास के निजी क्लीनिकों पर अपना उपचार करा रहे हैं। ग्रामीण फुरकान अहमद की पत्नी सायरा बानो और उनके दो बेटे मो.चांद और मो.सादिक बुखार से पीड़ित हैं, जिनका उपचार घर पर ही चल रहा है। ग्रामीण खिलेंद्र शर्मा, शमशाद, यामीन, शकीर, जुल्फिकार भी बुखार से पीड़ित हैं।
गांव के पूर्व प्रधान सुभाष त्यागी डेंगू की चपेट आ गए थे। पूर्व प्रधान को नजीबाबाद से मेरठ रेफर किया गया था। हालही में पूर्व प्रधान उपचार कराकर गांव लौटे। इनके अलावा पंकज त्यागी, नाथू सिंह, भरतू सिंह सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग से गांव में स्वास्थ्य कैंप लगवाने की मांग की है।
पांच सालों से नहीं हुआ एंटी लार्वा का छिड़काव
नजीबाबाद। गांव सिकरौड़ा में पिछले पांच सालों से एंटी लार्वा का छिड़काव नहीं हुआ। ग्रामीण फुरखान ने बताया कि ग्राम प्रधान ने सिर्फ अपने मोहल्ले में छिड़काव कराया। गांव में नियमित सफाई भी नहीं होती। नालियों में मच्छर पनप रहे हैं।
बिना उपचार करें लौट गई टीम
मंडावली। ग्रामीणों की सूचना पर नजीबाबाद से स्वास्थ्यकर्मी गांव पहुंचे थे। गांव में एक-दो घरों में पुछताछ कर टीम वापस लौट गई। न तो गांव में मुनादी कराई गई और न ही किसी प्रतिनिधि से जानकारी की। स्वास्थ्यकर्मी की लापरवाही से लोगों को उपचार नहीं मिल पाया।
सिकरौडा में ग्रामीणों के बुखार से पीड़ित होने की सूचना मिली है। गांव में स्वास्थ्य कैंप लगाया जाएगा।
- डॉ.अंकित कुमार, नजीबाबाद पीएचसी प्रभारी।
मंडावली के सिकरौडा में घर पर उपचार कराते मो.सादिक।