नवजात बच्ची के कमजोर होने पर परिजनों ने उसे बिजनौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया। जहां बुधवार की रात उसकी मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने सेंटर पहुंचकर अस्पताल संचालक पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजन अस्पताल संचालकों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने की मांग को लेकर धरने पर बैठ गए।
राष्ट्रीय किसान मजदूर संगठन के कार्यकर्ताओं ने भी धरने का समर्थन किया। उधर सूचना पर मौके पर पहुंचे नोडल अधिकारी एके सिंह ने अस्पताल को सील कर दिया तथा बिना किसी से बात किए वहां से चले गए। जिस पर परिजन व किसान संगठन के लोग और अधिक आक्रोशित हो गए तथा नोडल अधिकारी के पुनः मौके पर न आने पर धरना जारी रखने की घोषणा कर दी।
वहीं कोतवाल धीरज सिंह ने परिजनों व किसानों को पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार कार्रवाई का आश्वासन देकर बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। किसानों का कहना है कि धरना नोडल अधिकारी के पुन: आने तक जारी रहेगा। यदि नोडल अधिकारी हठधर्मिता दिखाते हैं तो पोस्टमार्टम के बाद बच्ची के शव को फिर से मौके पर रखा जाएगा।