बिजनौर में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां एक किराएदार महिला ने दो भाइयों के साथ शारीरिक संबंध बनाए और उन्हें एचआईची एड्स से ग्रस्त कर दिया। एक भाई की मौत हो गई, जबकि दूसरे की हालत गंभीर है। वहीं महिला के संपर्क में आए अन्य लोगों में दहशत है, कि कहीं वे भी एड्स की चपेट में न आ जाएं। बताया गया कि उक्त महिला मोहल्ले में आंटी के नाम से मशहूर थी।
बिजनौर शहर से सटे एक गांव में दो साल पहले एक महिला किराए पर रहने आई थी। मोहल्ले में कमरा लेकर रहने लगी। ग्रामीणों ने बताया कि इस दौरान मोहल्ले के लोगों का उसके कमरे पर आना-जाना शुरू हो गया। इसी बीच 51 वर्षीय व्यक्ति की भी उससे नजदीकी बढ़ गई। इतना ही नहीं, महिला उसके 43 वर्षीय चचेरे भाई के भी करीब हो गई। उन्हें क्या पता था, यह सिर्फ नजदीकी नहीं, बल्कि गंभीर बीमारी का संकेत है।
परिजनों ने बताया कि छह माह पहले दोनों भाइयों की तबीयत बिगड़नी शुरू हुई। शुरुआत में तो बिजनौर में ही चिकित्सक से दवाई दिलाई। आराम नहीं होने पर एम्स ऋषिकेश, देहरादून सहित अन्य अस्पतालों में जांच कराई। चिकित्सकों ने जांच की तो एचआईवी की पुष्टि हुई। 51 वर्षीय व्यक्ति को सांस लेने में दिक्कत, टीबी, कमजोरी, बुखार जैसे लक्षण दिखाई देने लगे। हालत गंभीर होती चली गई। व्यक्ति ने सोमवार को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
उसके चचेरे भाई की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है। ऑक्सीजन के सहारे घर पर सांस ले रहा है। उसमें भी वही सभी लक्षण हैं, जो उसके चचेरे भाई में थे। परिजनों की मानें तो एचआईवी की पुष्टि होने के बाद उसने पूरी कहानी बताई।
चार बार हुआ था हमबिस्तर
वह मोहल्ले में किराए पर रहने आई महिला के साथ चार बार हमबिस्तर हुआ है। यह सिलसिला एक साल पहले हुआ था। महिला के एचआईवी ग्रस्त होने की जानकारी नहीं होने पर उसने ध्यान नहीं दिया। यह महिला कहां की रहने वाली थी, इसकी भी किसी को जानकारी नहीं है। अब देखते ही देखते ही उसकी तबीयत बिगड़ गई। परिजनों का कहना यह भी है कि बीमार व्यक्ति ने मरने वाले अपने चचेरे भाई को उस महिला के साथ देखा था। दोनों में एक जैसे लक्षण हैं।
एक मोहल्ले में करीब छह माह रुकी थी महिला
पीड़ित के परिजनों ने बताया कि मोहल्ले में करीब छह महीने ही महिला रुकी थी। बाद में यहां से चली गई और दूसरे मोहल्ले में कमरा किराए पर लेकर रहने लगी। इस घटना के बाद से ग्रामीण भी परेशान हैं। वहीं मोहल्ले और आसपास के जिन लोगों ने उसके साथ संबंध बनाए, उन सभी को खतरा सता रहा है।
एआरटी सेंटर में करीब 2500 एचआईवी मरीजों का चल रहा इलाज
जिले के एआरटी सेंटर में करीब 2500 एचआईवी संक्रमित मरीजों का इलाज चल रहा है। इन मरीजों को टीबी होने का सबसे ज्यादा खतरा रहता है। क्योंकि एचआईवी संक्रमित मरीज की रोग प्रतिरोधक क्षमता कमजोर हो जाती है। जिसकी वजह से इन्हें टीबी का खतरा रहता है। इसके अलावा दूसरी बीमारी भी आसानी से होती है। एआरटी सेंटर पर इन मरीजों को दी जाने वाली दवाई से रोग प्रतिरोधक क्षमता मजबूत की जाती है।
एचआईवी के शुरुआती लक्षण
-बुखार और ठंड लगना, गले में खराश
-अत्यधिक थकान और कमजोरी
-मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द
-त्वचा पर चकत्ते होना
-सूजी हुई लसीका ग्रंथियां
एचआईवी होने के ये हैं कारण
-असुरक्षित यौन संबंध बनाना
-संक्रमित सुई या सिरिंज साझा करना
-संक्रमित गर्भवती महिला से उसके होने वाले शिशु को गर्भावस्था में
-संक्रमित मां द्वारा बच्चे को स्तनपान कराने से
ये बोले सीएमओ
एचआईवी संक्रमित मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। सावधानी बरतने की जरूरत है। ताकि किसी दूसरे को संक्रमण न हो। इस गांव में भी टीम भेजी जाएगी। काउंसलर परिजनों, ग्रामीणों की काउंसिलिंग करेंगे। जिससे संक्रमित होने का इतिहास पता चल सके।
-डॉ. कौशलेंद्र सिंह, सीएमओ, बिजनौर
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