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Bijnor: हत्यारी मां... दो माह के बेटे को कभी अपना दूध नहीं पिलाया, पति से बोली हुसैन को कोई छीन ले गया

Sun, 06 Oct 2024 10:32 PM IST
मोहम्मद मुस्तकीम अमर उजाला नेटवर्क, बिजनौर

सार

चांदनी ने पति से लड़ाई झगड़ा रहने का गुस्सा अपने दो माह के मासूम बेटे पर निकाला। हमेशा उसे परेशान रखा। हत्या करने से पहले उसने बचने की प्लानिंग कर ली थी, लेकिन सीसीटीवी ने राज खोल दिया। 
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अपने बच्चे को मारने वाली चांदनी। - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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बेरहम मां ने दो माह में मासूम बेटे को जिंदा ही तालाब में फेंक दिया। बेटे की मौत से पहले ही ममता का गला घोंट देने वाली चांदनी अपहरण की झूठी कहानी गढ़ चुकी थी। दरअसल, वारदात से पहले दोपहर में अपने पति को फोन पर बताया कि बालक को उससे कोई छीनकर ले गया है। पुलिस को भी बरगलाती रही। हालांकि सीसीटीवी फुटेज में उसकी करतूत कैद हो गई।
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पुलिस के मुताबिक चांदनी ने शनिवार दोपहर अपने पति सलीम को फोन कर बताया कि धामपुर में किसी ने उससे दो माह के बेटे को छीन लिया है। काफी तलाश के बाद भी वह बच्चे को नहीं तलाश सकी। इसके बाद चांदनी ने धामपुर पुलिस के सामने भी अपनी इसी कहानी को दोहराया। यहां से शाम में वह सहसपुर अपने मायके पहुंच गई।
 

इसी के बाद चांदनी ने रात के अंधेरे में घर से दूर जाकर दिल दहला देने वाली वारदात को अंजाम दिया। अपने दो माह के बेटे हुसैन को पानी से भरे तालाब में डालकर मौत के घाट उतार दिया। जानकारी हुई तो चांदनी के भाई-बहन बच्चे को तालाब से निकाल कर घर ले आए लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी।
चांदनी के सिर पर सवार जानलेवा खूनी सनक लगातार बरकरार रही। कुछ ही देर बाद मायके वालों ने जब चांदनी को घर से निकाला तो वह खाली पड़े एक प्लाट में अपने बेटे के शव को फेंक कर फरार हो गई। 
 

सीसीटीवी से खुला राज
अगर सीसीटीवी फुटेज नहीं मिलती तो चांदनी का क्रूर चेहरा सामने नहीं आता। चांदनी के मायके वालों से पुलिस पूछताछ में पूरे घटनाक्रम का शुरुआत में ही राजफाश हो गया। इसके बाद जब पुलिस ने आरोपों को पुष्ट करने के लिए रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो होश उड़ गए। फुटेज में चांदनी रात आठ बजे जहां अपने बेटे के साथ मेवानवादा रोड पर रेलवे फाटक की ओर जाती दिखी तो वापसी में वो खाली हाथ लौटती दिखी। रात करीब नौ बजे चांदनी के भाई व बहनें उसे ले जाते हुए भी दिखाई दिए।
 
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ममता के आंचल में दो माह से बिलख रहा था बच्चा
दो माह का हुसैन अपने जन्म के बाद से ही ममता के आंचल तले लगातार बिलख रहा था। भूख की तड़प और मां के दूध की आस लगातार उसके रुदन की वजह बनी थी। बावजूद इसके चांदनी का पत्थर दिल कलेजा कभी पिघल न सका। पति सलीम की मानें तो जन्म के बाद एक सप्ताह तक हुसैन को आईसीयू में रखा गया। इसके बाद उसे घर लाया गया, लेकिन चांदनी ने कभी उसे अपना दूध तक भी नहीं पिलाया। शुरू से ही वह हुसैन पर बाजार से मिल्क पाउडर लाने का ही दबाव बनाती रही।
 
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