गांव मंडौरी में घर के बाहर से ही गुलदार (तेंदुआ) सात साल की बच्ची कनिका को उठाकर ले गया। बृहस्पतिवार सुबह एक खेत में कई टुकड़ों में उसका शव बरामद हुआ। ग्रामीणों ने इस घटना को लेकर आक्रोश जताया है।
नहटौर के गांव मंडौरी में मां रीना बच्चों के लिए खाना पकाने में व्यस्त रही और गुलदार ने बेटी कनिका (7) को निवाला बना लिया। वह उसे घर के बाहर से ही खींचकर ले गया। बुधवार को रात भर तलाश करने के बाद कनिका का अधखाया शव बृहस्पतिवार को सुबह करीब आठ बजे डेढ़ किलोमीटर दूर ईख के खेत में पड़ा मिला। बेटी का क्षत-विक्षत शव देख माता-पिता फूट-फूटकर रो पड़े।
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रवि कुमार का मकान मंडौरी गांव के एक छोर पर है। पूर्व दिशा में रास्ते के दूसरी ओर ईख का खेत है। बुधवार शाम रवि की पत्नी रीना परिवार के लिए रात्रि का भोजन बनाने में व्यस्त थी। बेटी कनिका घर के बाहर खेल रही थी। इसी दौरान उसे गुलदार उठाकर ले गया। इसकी किसी को भनक तक नहीं लगी। माता-पिता यह सोचते रहे कि बेटी पड़ोस में खेलने गई होगी। घंटों बाद उसकी तलाश शुरू की गई।
घर के आसपास खून के छींटे नजर आए तो ईख के खेत में घुसकर ढूंढा गया। वहां भी खून पड़ा मिला। ग्रामीण, पुलिस व वन विभाग रात भर बालिका की तलाश करते रहे। बृहस्पतिवार सुबह आठ बजे गांव से करीब डेढ़ किमी दूर कल्लू सैनी के खेत में बच्ची का शव मिला। धड़, सिर व दोनों हाथ अलग पड़े थे। गर्दन के पास का मांस खाया हुआ था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव को गांव में ही बच्चों के कब्रिस्तान में दफना दिया गया।
शव देखते ही आक्रोशित हो गए ग्रामीण
बालिका का क्षत-विक्षत शव देख माता-पिता बिलख पड़े। यह देख ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। उन्होंने हंगामा करना शुरू कर दिया। एसडीएम रितु रानी, सीओ अभय कुमार पांडेय, रेंजर गोविंद राम गंगवार, नायब तहसीलदार राज कमल, थानाध्यक्ष धीरज नागर आदि मौके पर पहुंचे। एसडीएम ने मृतका के परिजनों को सरकार की ओर से मुआवजा दिलाने का भरोसा दिया। साथ ही गुलदार को पकड़ने के लिए वन विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए। इसके बाद ग्रामीण शांत हुए।
एक साल पहले गांव की दिव्यांशी को मारा था
गत वर्ष भी 13 जुलाई 2024 को मंडौरी निवासी मुकेश की आठ वर्षीय पुत्री दिव्यांशी पर गुलदार ने हमला कर उसे मार दिया था। वह अपनी मां सुनीता के साथ जंगल गई थी। पिंजरा लगाने के बावजूद गुलदार पकड़ में नहीं आया था।
चार भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी कनिका
कनिका अपने चार भाई बहनों में दूसरे नंबर की थी। वह गांव के ही प्राथमिक विद्यालय में कक्षा एक में पढ़ती थी। कनिका की मौत से बड़ा भाई कार्तिक, छोटी बहनें लक्ष्मी तथा लाली भी सदमे तथा दहशत में हैं। पिता रवि व मां रीना का रो-रोकर बुरा हाल है।
सुबह नौ बजे घटना स्थल के पास दिखा गुलदार
ग्रामीण प्रदीप कुमार, हरपाल सिंह, गुड्डू, लाल सिंह, घनश्याम सिंह, गजेंद्र कुमार, मुनेंद्र कुमार, सैंकी आदि ने बताया कि जब बच्ची का शव जंगल से उठाकर लाया गया तो करीब नौ बजे गुलदार घटना स्थल के पास ही गांगन नदी की तरफ जाने वाली चकरोड पर नजर आया। ग्रामीणों के शोर मचाने पर वह ईख के खेत में भाग गया।
कैमरा ट्रैप और पिंजरे लगाए गए
वन विभाग के एसडीओ ज्ञान सिंह ने बताया कि घटना स्थल पर गुलदार के पगमार्क मिले हैं। थर्मल ड्रोन से उसकी तलाश की गई। कैमरा ट्रैप के साथ ही दो पिंजरे लगाए गए हैं। बालिका के शव का पोस्टमार्टम डॉक्टरों और पशु चिकित्सक के पैनल द्वारा किया गया है। मौत का कारण जंगली जानवर का काटना बताया गया है।