14 सितंबर को नजीबाबाद के गांव इस्सेपुर के जंगल में गुलदार (तेंदुए) ने 35 वर्षीय मीरा देवी को मार डाला था। वन विभाग ने इसी जगह पर पिंजरा लगा दिया था। मंगलवार को तेंदुए इसी पिंजरे में कैद हो गया।
गांव इस्सेपुर में दो दिन पहले जहां महिला को मारा था, मंगलवार तड़के उसी जगह पर गुलदार पिंजरे में फंस गया। मंगलवार सुबह कौड़िया रेंज में उसका स्वास्थ्य परीक्षण हुआ। चिकित्सक और वन अफसरों के घंटों मंथन के बाद गुलदार को उम्रभर के लिए चिड़ियाघर भेजने का फैसला लिया गया। गुलदार बूढ़ा हो चुका था और उसके दांत घिस चुके थे, जिससे उसके द्वारा ही इंसानों पर हमला होना माना गया।
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तेंदुए को देखने के लिए उमड़ी भीड़।
- फोटो : अमर उजाला
नजीबाबाद क्षेत्र के गांव इस्सेपुर में 14 सितंबर को जंगल में अपने पति और पुत्री के साथ घास काटने गई महिला 35 वर्षीय मीरा देवी को गुलदार ने मार डाला था। इसके बाद यहां पर पिंजरा लगाया गया और 250 सदस्यों की टीमें गुलदार की तलाश कर रही थीं। मंगलवार तड़के गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।
वन संरक्षक रमेश चंद्रा, डीएफओ अभिनव राज मौके पर पहुंचे। इसके बाद वन विभाग ने गुलदार का स्वास्थ्य परीक्षण कराया। उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार नर है। यह उसी जगह से पकड़ा गया है, जहां पर महिला को मारा गया। माना गया है कि इसी गुलदार ने महिला को मारा था। अब गुलदार को कानपुर चिड़ियाघर भेजा जाएगा।
बूढ़ा हो चुका था, चारों दांत भी घिस गए
उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह ने बताया कि पकड़ा गया गुलदार बूढ़ा हो चुका है। जांच में पता चला कि उसके चारों कनाइन दांत भी घिस चुके थे। उसका वजन 75 से 80 किलोग्राम है। माना जा रहा है कि दांत घिसने के कारण वह अपना प्राकृतिक शिकार नहीं कर पा रहा होगा। इसलिए उसने इंसानों पर हमले शुरू कर दिए। अब उसे चिड़ियाघर भेजा जाएगा। उम्रभर वह अब चिड़ियाघर में ही रहेगा।
महिला के शव को देख हुई थी आशंका
उप प्रभागीय वनाधिकारी ज्ञान सिंह ने कहा कि जब महिला की मौत हुई तो घटनास्थल पर गुलदार के पगचिह्न थे, लेकिन महिला के शरीर पर कनाइन इतने गहरे नहीं थे। तभी से संभावना यही लग रही थी कि हमला करने वाले गुलदार के कनाइन टूट चुके हैं।
कनाइन न होने पर प्राकृतिक शिकार नहीं कर पाता गुलदार
वन्य जीव विशेषज्ञ जोएल लायल कहते हैं कि जानवर की चमड़ी मजबूत होती है। गुलदार अपने कनाइन से ही जानवर की गर्दन पकड़कर उसे मार डालता है। ऐसे में किसी हादसे या उम्र के साथ कनाइन टूटते हैं तो वह इंसानों का शिकार करने लगता है। जिम कार्बेट ने जितने नरभक्षी गुलदार मारे, उनमें ऐसे कई मामले थे।