वहीं, प्रेमी के बंधक बनाए जाने की खबर प्रेमी के परिजनों को भी हो गई। इस दौरान प्रेमी और प्रेमिका के परिजनों में टकराव की स्थिति पैदा हो गई। इसके बाद ग्राम सीरबासुचंद में दोनों पक्षों को लेकर पंचायत हुई, जिसमें दोनों का निकाह कराये जाने का निर्णय लिया गया।
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इसके बाद पंचायत में ही दोनों का काजी (मौलाना) ने निकाह पढ़ाया। इस दौरान पंचायत में सैकड़ों लोग मौजूद रहे। वहीं, निकाह के बाद छुहारों का वितरण भी किया गया।