गुलदार पकड़ने के लिए लगाया गया पिंजरा
वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए जंगल में पिंजरा लगा दिया है। टीम लगातार क्षेत्र में निगरानी कर रही है और गुलदार की गतिविधियों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
हालांकि, वन विभाग बीरो देवी की मौत को लेकर अभी पूरी तरह आश्वस्त नहीं है। रेंजर दुष्यंत मावी के अनुसार, प्रथम दृष्टया जांच में मामला संदिग्ध लग रहा है, क्योंकि मृतका के शरीर पर गुलदार के पंजों के निशान नहीं मिले हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश
घटना के बाद ग्रामीणों में वन विभाग के खिलाफ आक्रोश है। ग्रामीणों ने विभाग पर लापरवाही और उदासीनता बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि वन विभाग ने समय रहते सक्रियता दिखाई होती तो बीरो देवी की जान बचाई जा सकती थी।
ग्रामीणों के अनुसार, दो अप्रैल को इसी जंगल में चचेरे भाई संदीप और मुनीष पर भी गुलदार ने हमला कर उन्हें घायल कर दिया था। उस समय ग्रामीणों की मांग पर वन विभाग ने पिंजरा लगाया था, लेकिन कुछ दिन बाद उसे वहां से हटा लिया गया। ग्रामीणों का आरोप है कि इसके बाद भी क्षेत्र में गुलदार की मौजूदगी को लेकर गंभीरता नहीं दिखाई गई।