पिंजरे में कैद हुआ गुलदार
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सामाजिक वानिकी के डिप्टी रेंजर हरगोविंद सिंह अपनी टीम के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे और गुलदार को सुरक्षित कब्जे में लिया। यह वही स्थान था जहां से महज 10 मीटर की दूरी पर गुलदार ने 14 सितंबर को 36 वर्षीय मीरा देवी पर हमला कर उसकी जान ले ली थी।
घटना के बाद गुस्साए ग्रामीणों और किसानों ने मृतका के शव को लेकर डीएफओ कार्यालय पर घंटों प्रदर्शन किया था। इसके बाद वन विभाग ने गुलदार को पकड़ने के लिए बड़ा अभियान शुरू किया था।
अभियान के दौरान एक दर्जन से अधिक पिंजरे, ट्रैप कैमरे लगाए गए और 10 टीमों को सर्च ऑपरेशन में लगाया गया। ट्रेंकुलाइज टीम भी लगातार गुलदार की गतिविधियों पर निगाह रखे रही। अंततः मंगलवार को गुलदार पिंजरे में कैद हो गया।