बेटी के साथ खेतों से पत्ती लेने गए ग्राम पंचायत मंझौला बिल्लौच के मजरा नजरपुर निवासी रफीक (55) पर गुलदार ने हमला कर दिया। वह उसे खींचकर ले जाने लगा तो साथ में गई बेटी केसर जहां (32) गन्ना लेकर गुलदार से भिड़ गई। उसने गुलदार के मुंह पर लगातार गन्ने से वार कर अपने पिता की जान बचा ली।
रफीक का घर रामगंगा पोषक नहर पुल के पार है। यहीं पर प्राथमिक स्कूल भी है। बुधवार को करीब पांच बजे रफीक और उसकी पुत्री केसर जहां घर से कुछ ही दूर खेतों में पत्ती लेने गई थी। तभी गुलदार ने रफीक पर हमला कर दिया। गुलदार उसके एक पैर को जबड़े में जकड़कर खींचकर ले जाने लगा।
इस दौरान पुत्री केसरजहां ने खेत से गन्ना उठाया और गुलदार के मुंह पर वार करते हुए शोर मचाती रही। लगातार वार से गुलदार उसके पिता को छोड़कर ईख के खेत में भाग गया। पता लगने पर मौके पर ग्रामीण की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीण गंभीर घायल रफीक को निजी अस्पताल ले गए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि काफी समय से गुलदार क्षेत्र में देखा जा रहा है।
दो दिन के लिए लगाया था खाली पिंजरा
वन विभाग ने 15 दिन पहले ग्रामीणों की मांग पर खेतों में पिंजरा लगाया था। इसके दो दिन बाद उठाकर ले गया। ग्रामीणों का कहना है कि पिंजरा तो लगा दिया गया था लेकिन उसमें बकरी, कुत्ता या मांस आदि नहीं रखा गया था। वन विभाग के अधिकारी खाली पिंजरे में ही गुलदार के फंसने की उम्मीद लगाए बैठे रहे। दूसरी तरफ गुलदार ने रफीक पर हमला कर दिया। यदि उसकी बेटी हिम्मत न दिखाती तो रफीक की जान नहीं बचती।
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