सात दिन तक चला इलाज, नहीं बच सकी जान
हादसे की सूचना मिलते ही परिजन उसे उपचार के लिए बिजनौर के एक चिकित्सालय ले गए। वहां से हालत गंभीर होने पर उसे डोईवाला स्थित एक निजी चिकित्सालय भेज दिया गया। परिजनों के अनुसार वहां भी चिकित्सकों ने उसकी हालत को अत्यंत गंभीर बताते हुए उपचार करने में असमर्थता जताई। इसके बाद गुरुवार रात परिजन उसे घर ले आए, जहां शुक्रवार सुबह उसने अंतिम सांस ली।
परिवार में मचा कोहराम, कार्रवाई की मांग
निदांश की मौत से परिवार में मातम पसरा हुआ है। वह अपने पीछे पिता सुमित, मां अंजना, छोटे भाई दिव्यांशु और बहन को छोड़ गया है। मृतक के पिता सुमित ने बताया कि हादसे के संबंध में उनके भाई सचिन ने 10 जुलाई को ही पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।