राधा स्वामी संगत व्यास आश्रम के सामने एक फैक्टरी से निकालकर गर्म राख रोड पर डाल दी गई। लकड़ी बीनने जा रहे बच्चे इस राख में झुलस गए। बच्चों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं फैक्टरी पर कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
बिजनौर-नहटौर मार्ग पर राधा स्वामी संगत व्यास आश्रम के सामने सड़क किनारे फैक्टरी की गर्म राख पड़ी है। शुक्रवार को आम के बाग से लकड़ी बीनने गए चार बच्चे इसी राख में गिरने से बुरी तरह से झुलस गए। घायलों को बिजनौर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
विज्ञापन
दमकल कर्मी राख पर पानी डालते हुए।
- फोटो : अमर उजाला
शुक्रवार दोपहर शहर के मोहल्ला जानी चौराहा निवासी मोहम्मद शाद (12), मोहल्ला चाहशीरी बी24 निवासी रिहान उर्फ इशान (13), मोहल्ला मोती मस्जिद निवासी साहिल (13), लडापुरा निवासी उजैर (13) नहटौर रोड पर आम के बाग में से लकड़ी बीनने गए थे। इस दौरान वह बाग के पास सड़क किनारे पड़ी फैक्टरी की गर्म राख में गिर गए। मौके पर चीख पुकार मच गई। आसपास के खेतों में काम कर रहे लोगों ने उन्हें बिजनौर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया।
बच्चे 30 से 50 प्रतिशत तक झुलस गए हैं। गर्म राख होने की वजह से सभी बच्चों के पैर जले हैं। जबकि, दो बच्चों के हाथ भी जल गए। इमरजेंसी में कार्यरत डॉ. रामकुमार ने बताया कि बच्चे गर्म राख में गिरने से बुरी से झुलस गए हैं। सभी बच्चों का उपचार किया जा रहा है। उधर, सूचना मिलने के बाद मौके पर दमकल विभाग की टीम ने पानी की बौछार करके राख को ठंडा किया। यहां कई सारी फैक्टरी हैं, जांच की जाएगी कि किसने ये राख यहां डाली है।
इसी राख में झुलस गए थे पिता पुत्र
राधा स्वामी संगत व्यास आश्रम के सामने सड़क किनारे फैक्टरी की गर्म राख पड़ी है। शुक्रवार को चार बच्चे इसमें झुलस गए। जबकि चार दिन पहले जलालपुर निवासी 55 वर्षीय सुखवीर सिंह और उनका बेटा 22 वर्षीय सुमित भी इसी राख में झुलस गए थे। इसके अलावा जोधुवाला की दो महिलाएं भी इसी गर्म राख में झुलस गईं।
ये बोलीं एसडीएम
सड़क किनारे जिन्होंने राख डाली है और जिन्होंने राख डलवाई है, उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे। अभी राख डालने की जांच की जा रही है। फैक्टरी की राख को लेकर जिम्मेदारी तय की जाएगी। - रितु रानी, एसडीएम सदर, बिजनौर