बिजनौर में जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ दिए गए अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित रिकॉर्ड मंगलवार को हाईकोर्ट में पेश किया गया। रिकॉर्ड में अनियमिता मिलने पर हाईकोर्ट ने रजिस्टार को रिकॉर्ड सील करने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट ने दोबारा डीएम का जबाव तलब करते हुए रिकॉर्ड के रखरखाव के तरीके से संबंधित मामलों में अपना व्यक्तिगत शपथ पत्र हाईकोर्ट में पेश करने के आदेश दिए हैं। इस मामले में सुनवाई की अगली तिथि 18 अक्तूबर नियत की गई है।
जिला पंचायत सदस्य आयुष चौहान की ओर से 32 अन्य सदस्यों के शपथ पत्र के साथ डीएम के समक्ष जिला पंचायत अध्यक्ष साकेंद्र प्रताप सिंह के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पेश किया गया था। इस संबंध में मीटिंग बुलाने की मांग की थी। आयुष चौहान के साथ 22 अन्य सदस्य भी डीएम के समक्ष पेश हुए थे। डीएम द्वारा बैठक में बुलाए जाने पर आयुष चौहान की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दायर की गई थी। साथ ही हाईकोर्ट से डीएम को बैठक बुलाने का निर्देश देने के लिए प्रार्थना की गई थी।
हाईकोर्ट ने मीटिंग न बुलाने पर डीएम का जबाव तलब किया गया था। इस संबंध में डीएम की ओर से शपथ पत्र पेश किया गया था। हाईकोर्ट ने मूल रिकॉर्ड की आवश्यकता समझते हुए अविश्वास प्रस्ताव से संबंधित मूल रिकॉर्ड पेश किया गया था।
यह भी पढ़ें: रिहायशी इलाके में संकट: पानी के लिए तरस गए मेडिकल कॉलेज के छात्र-छात्राएं, जानें पूरा मामला
वहीं मंगलवार को हाईकोर्ट के न्यायधीश मनोज कुमार गुप्ता व न्यायधीश राजेंद्र कुमार की पीठ के समक्ष मूल रिकॉर्ड पेश किया गया। जिसमें भारी अनियमिताएं मिलीं। हाईकोर्ट ने पाया कि डीएम का इस मामले में आचरण ठीक नहीं है। अधिवक्ता भुवनेश कुमार के अनुसार हाईकोर्ट ने रिकॉर्ड सील करने के आदेश दिए हैं। रिकॉर्ड के रखरखाव व रिसीव करने के तरीके पर उन्हें व्यक्तिगत शपथ पत्र दाखिल करने के आदेश दिए हैं।
यह भी पढ़ें Ankita Bhandari Murder: होश उड़ा देंगे पुलकित के बड़े राज, महिला की जुबानी, पूर्व मंत्री के बेटे की पूरी कहानी