फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Bijnor: खेत की मेढ़ पर खेल रही बच्ची पर गुलदार का हमला, घायल, पिता ने गन्ने से वार कर छुड़ाया

Wed, 10 May 2023 09:40 AM IST
Dimple Sirohi न्यूज डेस्क, अमर उजाला, बिजनौर

सार

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गुलदार के हमले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। एक तरफ वन विभाग गुलदार को पकड़ने की हर संभव कोशिश में जुटा है वहीं गुलदार लगातार स्थानीय लोगों को शिकार बना रहा है। बुधवार को एक मासूम बच्ची को गुलदार ने हमला कर घायल कर दिया। पढ़ें पूरी खबर।
विज्ञापन
अस्पताल में घायल बच्ची - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

बिजनौर के अफजलगढ़ थानाक्षेत्र में गुलदार ने गांव आसफाबाद चमन में खेत में काम करने गए माता-पिता के साथ गई एक बच्ची पर  हमला कर जख्मी कर दिया। बच्ची के माता-पिता के शोर मचाने और धमकाने पर गुलदार बच्ची को जख्मी हालात में छोड़ कर जंगल में भाग निकला। परिजनों ने उपचार के लिए सीएचसी में भर्ती कराया गया।

विज्ञापन


जानकारी के अनुसार गांव आसफाबाद चमन निवासी मदन सिंह व पत्नी सुनीता सुबह 7 बजे जंगल में गन्ने की छिलाई करने के लिए गए थे। वहीं उनके साथ तीन साल की बच्ची गायत्री भी गई थी। पति-पत्नी दोनों की गन्ने की छिलाई करने लगे। गायत्री पास में ही खेत की मेंढ पर बैठी खेल रही थी। अचानक खेत से गुलदार ने निकलकर गायत्री पर झपट्टा मार दिया।

विज्ञापन

गुलदार के बच्ची पर हमला करने को देख पिता मदन सिंह ने गन्ने से गुलदार पर वार किया ओर शोर मचाया, जिसपर गुलदार बच्ची को छोड़कर भाग निकला। परिजन बच्ची को तुरंत अस्पताल लेकर पहुंचे। वहीं गुलदार के लगातार हो रहे हमलों से ग्रामीणों में गुलदार का भय व्याप्त है ग्रामीण अकेले-दुकेले खेतों पर भी जाने से घबरा रहे हैं।

बता दें कि इस समय लगातार क्षेत्र के कई गांवो में गुलदार का आतंक छाया हुआ है। वहीं रेहड़ व अफजलगढ़ थाना क्षेत्र के गांव में गुलदार ने बच्चियो सहित तीन लोगों को मौत के घाट उतार दिया वहीं कई लोगो को जख्मी कर दिया।

ग्रामीणों वन विभाग के अधिकारियों से गुलदार को पकड़कर वन क्षेत्र में छुड़वाने की मांग की है। इस संबंध में डीएफओ अरुण कुमार ने बताया कि टीम भेजी जा रही है उन्होंने लोगों से सतर्कता बरतने और हांका लगा कर खेत में काम करने को कहा साथ ही उन्होंने सलाह दी कि छोटे बच्चों को खेतों पर न ले जाएं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें