वेब शुगर इंडस्ट्रीज ने बीती एक मई को सड़क किनारे राख डाल दी थी। इसकी चपेट में आकर चार बच्चे बुरी तरह झुलस गए थे। उनका उपचार चल रहा था। कई अस्पतालों में ले जाया गया, मगर शाद को बचाया नहीं जा सका। बाकी तीन बच्चे भी खतरे में हैं।
बिजनौर-नहटौर मार्ग पर राधा स्वामी संगत व्यास आश्रम के सामने सड़क किनारे फैक्टरी की गर्म राख में झुलसे 12 वर्षीय शाद की 53 दिन बाद मौत हो गई है। किशोर की मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
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राधा स्वामी संगत व्यास आश्रम के सामने सड़क किनारे फैक्टरी की गर्म राख में एक मई को चार बच्चे झुलस गए थे। इनमें से शहर के मोहल्ला जानी चौराहा निवासी मोहम्मद शाद (12) की इलाज के दौरान 24 जून को मौत हो गई। जबकि, मोहल्ला चाहशीरी बी24 निवासी रिहान उर्फ इशान (13), मोहल्ला मोती मस्जिद निवासी साहिल (13), लडापुरा निवासी उजैर (13) अभी घायल हैं। बच्चे 30 से 50 प्रतिशत तक झुलस गए थे। अब इनमें से शाद की मौत हो गई है।
परिजनों ने बताया कि शाद के लिवर में सूजन आ गई थी और वह खाना नहीं खा पा रहा था, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई थी। कई जगह इलाज कराने के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिजन पहले भी फैक्टरी प्रबंधन पर कार्रवाई की मांग कर चुके हैं।
हादसे के बाद हुआ ये घटनाक्रम
- झुलसे बच्चों को बिजनौर मेडिकल कॉलेज से मेरठ मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया
- पांच मई को परिजनों ने पीड़ितों को वापस बिजनौर मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया
- यही एडमिट रहकर गंगदासपुर मुजफ्फरनगर में जले हुए के उपचार के वैद्य से पट्टी कराई
- सात मई को विधायक सूची मौसम चौधरी एवं भाजपा मौसम चौधरी ने प्रत्येक बच्चे को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी
- बाद में प्रत्येक बच्चे को 50 हजार की आर्थिक सहायक वेब शुगर इंडस्ट्रीज से भी दिलाई गई
ये बोले अधिकारी
गर्म राख डालने के मामले में वेब शुगर इंडस्ट्रीज को नोटिस जारी किया जा चुका है। साथ ही प्राथमिक जांच में पता चला कि इंडस्ट्रीज ने भारत सरकार द्वारा जारी फ्लाई ऐश अधिसूचना का उल्लंघन किया। इंडस्ट्रीज के खिलाफ कार्रवाई के लिए मुख्यालय को पत्र लिखा जा चुका है। -गिरीशचंद्र आर्य, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, बिजनौर
- प्रभावित बच्चों को प्रशासन ने प्राईवेट सर्जन को भी दिखाया। उन्होंने बच्चों को इलाज के लिए उच्च संस्सथान में जाने के लिए निर्देशित किया था। लेकिन परिजनों ने इंकार कर दिया। उन्होंने जांच कर रिपोर्ट एडीएम एफआर को सौंप दी है। -रितु रानी, एसडीएम सदर