लखनऊ से देहरादून जा रही वंदे भारत ट्रेन के शीशे पर पत्थर मारने वाले को आरपीएफ ने हिरासत में ले लिया। कंट्रोल रूम की सूचना और वंदे भारत ट्रेन की फुटेज के आधार पर शरारती किशोर की पहचान की गई। पकड़े जाने पर किशोर बोला, अंकल माफ कर दो गलती हो गई।
लखनऊ से देहरादून के बीच संचालित वंदे भारत ट्रेन को 10 दिसंबर को नजीबाबाद स्टेशन पर स्टॉपेज दिया गया था। नजीबाबाद से 28 दिसंबर को देहरादून के लिए रवाना होने के बाद नजीबाबाद से फजलपुर के बीच ट्रेन पर शरारती तत्व ने पत्थर मारा। पत्थर लगने से ट्रेन के सी-1 कोच के 23-24 सीट का शीशा चटक गया। वंदे भारत ट्रेन को लखनऊ से लेकर आ रहे टीटी प्रेमशंकर सरोज ने वंदे भारत की सीसीटीवी कैमरे की फुटेज सहित नजीबाबाद आरपीएफ को घटना की सूचना दी।
आरपीएफ प्रभारी डीएस चौहान ने तत्काल एसआई सुरेंद्र सिंह को घटना की जांच सौंपी। आरपीएफ ने फुटेज के आधार पर जलालाबाद के प्रेमनगर निवासी 14 वर्षीय किशोर को पत्थर मारने के आरोप में हिरासत में ले लिया। पकड़े गए किशोर ने साथी किशोरों के साथ बेर तोड़ने जाने और पत्थर मारने की शरारत स्वीकार की।
मामला दर्ज, जमानत पर छूटा किशोर
एएसआई पवन कुमार की ओर से मामला दर्ज कराया गया। आरपीएफ ने शरारती किशोर को गिरफ्तार किया। उसके बाल अपराधी होने पर जमानत पर छोड़ दिया गया। मामला किशोर न्याय बोर्ड बिजनौर को भेजा गया है।