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बिजनौर खांडसारी इकाई के लाइसेंस जारी होने मे सूबे मे प्रथम

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खांडसारी इकाई के लाइसेंस जारी होने में बिजनौर प्रथम
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बिजनौर। खांडसारी इकाईयों के नए लाइसेंस जारी किए जाने में सूबे में बिजनौर पहले स्थान पर है। अब तक करीब तीन दर्जन नए लाइसेंस जारी हुए हैं। इससे चीनी मिलों पर गन्ने का दवाब कम होगा। जबकि मानकों का पालन नहीं करने पर डीएम के निर्देश पर दो मिनी क्रैशर को उखड़वा दिया है।
शासन ने खांडसारी इकाइयों को बड़ी राहत दी है। नए लाइसेंस बनवाने की प्रक्रिया सरल कर दी है। घर बैठे आनलाइन आवेदन होता है। साथ ही गन्ना खरीद पर गन्ना क्रय कर व मंडी शुल्क समाप्त कर दिया है। किसान भी क्षैतिज (खड़ा) पावर कोल्हू लगा सकता है। इसका नतीजा सामने आ रहा है। व्यापारी नये लाइसेंस के लिए आवेदन कर रहे हैं।
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सहायक चीनी आयुक्त डीपी मौर्य ने बताया कि अब तक नये पेराई सत्र के लिए 29 लाइसेंस जारी हो चुके हैं। जिला प्रदेश में प्रथम है। सूबे में कुल 150 लाइसेंस जारी हुए हैं। सहायक आयुक्त ने बताया कि मिनी क्रेशर लगाने में मानकों का पालन किया जाए। डीएम रमाकांत पांडेय इसको लेकर सख्त हैं। चीनी मिल से साढ़े सात किलोमीटर से अधिक दूरी पर ही मिनी क्रेशर लग सकता है। नियमों का पालन नहीं करने पर दो मिनी क्रेशरों को उखड़वा दिया गया है। कहा कि पिछले साल खांडसारी इकाईयों ने बिजनौर जैसी क्षमता वाली दो चीनी मिल से अधिक गन्ना पेरा है। क्रेशर की संख्या बढ़ने से चीनी मिलों पर गन्ने पिराई का दवाब कम होगा। किसान समय से गन्ना डाल सकेगा।
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