उन्होंने बताया कि अगर कहीं पर किसानों को रोका गया तो किसान वहीं धरना देकर बैठ जाएंगे। इसके बाद प्रशासन से पिछले सालों के विलंब भुगतान पर ब्याज व अन्य बातों का हिसाब लिया जाएगा। चाहे दिल्ली का धरना खत्म हो जाए, जिले में होने वाला धरना खत्म नहीं होगा। किसान सभी सड़कों पर कब्जा कर लेंगे।
जान गंवाने वाले किसानों को शहीद का दर्जा देने की मांग
गुरूवार तहसील परिसर में भाकियू तोमर द्वारा आयोजित सभा में तीन कृषि बिल के विरोध में दिल्ली में चल रहे किसान आंदोलन में जान गंवा बैठे किसानों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई। वक्ताओं ने उन किसानों को शहीद का दर्जा दिए जाने व परिवार को 50-50 लाख रुपये की सहायता प्रदान करने की मांग की।
बैठक में जिलाध्यक्ष महिपाल सिंह तोमर ने किसानों से 23 जनवरी को दिल्ली चलने के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। वक्ताओं ने तीनों कृषि बिल वापस लेने, गन्ने के दाम 450 रुपये प्रति क्विंटल घोषित किए जाने, बिजली की बढ़ी दरें वापस लिए जाने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने आदि की मांग की।