हल्दौर स्थित गांव चांदा नंगली निवासी भाकियू के वरिष्ठ किसान नेता जितेंद्र कुमार (56) का शव सोमवार को गैस गोदाम के निकट रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। कुछ दूरी पर उनकी बाइक भी खड़ी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। परिजन उनकी मौत को लेकर असमंजस में हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चल सकेगा।
गांव चांदा नंगली निवासी जितेंद्र कुमार भाकियू टिकैत के वरिष्ठ कार्यकर्ता थे। वह पूर्व में भाकियू अराजनीतिक के हल्दौर ब्लॉक अध्यक्ष के पद पर भी रह चुके थे। करीब डेढ़ वर्ष पूर्व वह भाकियू टिकैत में शामिल हुए थे। किसान हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर वह लगातार सक्रिय रहते थे। मिलनसार स्वभाव के कारण किसान संगठनों से जुड़े कार्यकर्ताओं के बीच उनकी अच्छी पहचान थी।
परिजनों के अनुसार, जितेंद्र कुमार रविवार को बाइक से घर से निकले थे। देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उनकी तलाश की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। सोमवार को गैस गोदाम के निकट रेलवे ट्रैक पर कुछ लोगों ने उनका शव पड़ा देखा। लोगों ने इसकी सूचना पुलिस को दी। कुछ ही देर में मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। बाद में शव की शिनाख्त जितेंद्र कुमार के रूप में हुई।
जितेंद्र कुमार के परिवार में पत्नी नीरू के अलावा दो पुत्र और एक पुत्री हैं। बड़ा पुत्र जयंत जम्मू-कश्मीर में सेना में नौकरी करता है, जबकि पुत्री महाराष्ट्र में सीआरपीएफ में तैनात है। दूसरा पुत्र नोएडा में नौकरी करता है। बड़ा पुत्र इन दिनों घर आया हुआ था। जितेंद्र कुमार की मौत की सूचना से परिवार में मातम छा गया। सीओ अभय कुमार पांडे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट मिलने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।