पानी डालती फायर ब्रिगेड।
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मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी में दोपहर करीब तीन बजे अमोनिया गैस का रिसाव शुरू हुआ। देखते ही देखते गैस तेजी से निकलने लगी। शुरुआत में फैक्टरी के लोगों ने ही अमोनिया का रिसाव रोकने का प्रयास किया, लेकिन नाकाम रहे। इसके बाद घटना की जानकारी तीन बजकर 15 मिनट पर अग्निशमन केंद्र को दी गई।
रेस्क्यू यूनिट सूचना मिलने के तुरंत बाद मौके पर पहुंची। टीम ने मोटर फायर इंजन द्वारा पंपिंग कर पानी का छिड़काव शुरू किया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी अजय कुमार शर्मा के दिशा निर्देशन में यूनिट ने अमोनिया के टैंक पर पानी डाला, जिससे अमोनिया को डायल्यूट (पानी द्वारा घोला गया/फैलने से रोकना) करते हुए मेन वाल्व को बंद किया गया। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। सभी कर्मचारियों को सुरक्षित बचा लिया गया।
अमोनिया रिसाव के वक्त फैक्टरी में नहीं थे पर्याप्त संसाधन
मुख्य अग्निशमन अधिकारी का कहना है कि फैक्टरी में वाटर हाइड्रेंट सिस्टम था। लेकिन गैस रिसाव के दौरान प्रयोग होने वाला ब्रीदिंग एपरेटस सेट नहीं मिला। जबकि, इस उपकरण का होना जरूरी है। क्योंकि, गैस रिसाव के दौरान सांस लेने के लिए इसकी आवश्यकता पड़ती है। सांस लेने का उपकरण नहीं होने की वजह से बाद में दमकल टीम को बुलाना पड़ा। जरूरी संसाधन नहीं होने से कर्मचारियों के साथ कोई बड़ी दुर्घटना हो सकती थी। लेकिन, समय रहते सभी कर्मचारी टैंक से दूर चले गए।
ये बोले अधिकारी
मोहित पेट्रो केमिकल फैक्टरी में अमोनिया गैस के रिसाव को काफी मशक्कत के बाद बंद किया गया। फैक्टरी में बड़ा हादसा होने से टल गया। अमोनिया गैस के रिसाव में कोई जनहानि नहीं हुई है। फैक्टरी में ब्रीदिंग एपरेटस सेट उपलब्ध नहीं था।
- अजय कुमार शर्मा, मुख्य अग्निशमन अधिकारी, बिजनौर