लेखपाल से पूछताछ करती टीम।
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बिजनौर के गांव ननूपूरा निवासी किसान धर्मेंद्र सिंह ने 19 दिसंबर को मुरादाबाद स्थित भ्रष्टाचार निवारण संगठन के थाने में पहुंचकर शिकायत की थी। 20 दिसंबर को एंटी करप्शन की टीम ने बिजनौर पहुंचकर मामले की पड़ताल की और लेखपाल की रेकी की गई। जांच पड़ताल करने वाली टीम ने शिकायत को सही पाया। 22 तारीख की सुबह एंटी करप्शन की टीम का गठन हुआ और बिजनौर में कार्रवाई के लिए रूपरेखा तैयार की गई।
मंगलवार को बिजनौर पहुंचकर एंटी करप्शन की टीम ने सदर तहसील में जाल बिछा दिया। किसान धर्मेंद्र सिंह ने जैसे ही लेखपाल रावेंद्र उर्फ रविंद्र कुमार भारद्वाज को पांच हजार रुपए दिए, तभी टीम ने लेखपाल को दबोच लिया। आरोपी लेखपाल गांव शिकोहपुर थाना बड़ौत, बागपत का रहने वाला है।
राजस्व कर्मियों ने किया लेखपाल को छुड़ाने का प्रयास
एंटी करप्शन की टीम ने बताया कि जिस वक्त तहसील में लेखपाल को रंगेहाथ पकड़ा गया, उस वक्त अन्य लेखपाल और राजस्व कर्मी एकत्र हो गए। उन्होंने लेखपाल को छुड़ाने का प्रयास किया लेकिन एंटी करप्शन की टीम सूझबूझ का परिचय देते हुए शहर कोतवाली लेकर पहुंच गई। शहर कोतवाली में भी राजस्व कर्मियों का जमावड़ा लगा रहा।
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