सुरेंद्र और उसकी पत्नी किरतपुर से अपने गांव मौजीपुर धर्मा लौट रहे थे। नहटौर रोड पर गुलदार (तेंदुए) ने हमला कर दिया। शोर मचाने पर लोग दौड़े, तो गुलदार झाड़ियों में भाग गया। स्कूल के पास ये घटना होने से लोगों में दहशत है।
नहटौर रोड पर स्थित आरके इंटरनेशनल स्कूल के पास पेड़ पर बैठे गुलदार ने चलती बाइक पर छलांग लगा दी। गुलदार के हमले में बाइक पर पीछे बैठी महिला सरसा देवी (50) पत्नी सुरेंद्र सिंह निवासी गांव मौजीपुर धर्मा घायल हो गईं। वहीं बाखराबाद खटाई में एक गुलदार पिंजरे में कैद हुआ है। वन विभाग की टीम आकर उसे अपने साथ ले गई।
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घटना शुक्रवार रात करीब आठ बजे की है। सुरेंद्र अपनी पत्नी सरसा देवी के साथ बाइक से किरतपुर से अपने घर लौट रहे थे। नहटौर रोड पर आरके इंटरनेशनल स्कूल के पास पहुंचे तभी सड़क किनारे एक पेड़ पर बैठे गुलदार ने उनकी बाइक पर छलांग लगा दी। गुलदार के हमले में सरसा देवी घायल हो गईं।
दंपती के शोर मचाने पर आसपास से गुजर रहे राहगीर मौके पर एकत्र हो गए। भीड़ देखकर गुलदार जंगल में भाग गया। राहगीरों ने घायल सरसा देवी को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र किरतपुर में भर्ती कराया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया। चिकित्सकों के अनुसार महिला को हल्की चोटें आईं हैं और उनकी हालत खतरे से बाहर है।
गुलदार ने बकरी को मार डाला
नींदड़ू में गुलदार ने आबादी के पूर्व में स्थित कूड़ा निस्तारण केंद्र के पास चर रही बकरियों पर हमला कर एक बकरी को मार डाला। मोहल्ला सादात निवासी राबिया ने 14 बकरियां बाल रखी हैं। उसका पुत्र मोहम्मद कैफ (15) उन्हें चराने के लिए जंगल ले जाता है।
12 फरवरी को कैफ बकरियां चराने के लिए कूड़ा निस्तारण केंद्र के पास ले गया था। दिन छिपने के करीब उसे बकरी के मिमियाने की आवाज आई। उसने डंडा फटकारते हुए शोर मचा दिया। शोर सुनकर हाफिज इमरान समेत कई किसान व ग्रामीण मौके पर पहुंचे तथा गुलदार पास में स्थित कलवा के सरसों के खेत में होते हुए ईख के अंदर चला गया। बकरी पालक या किसानों ने बकरी पर हमला कर मार डालने की सूचना वन विभाग को नहीं दी तथा मृत बकरी को गड्ढा खोदकर दफन कर दिया। नींदड़ू साधन सहकारी समिति के पूर्व सभापति राहत अली ने वन विभाग से कूड़ा निस्तारण केंद्र के आसपास पिंजरा लगाने की मांग की है।