आरोपी ने अपने फोन पर बैंक के एचआर विभाग के मेल दिखाए, जिसमें लिखा हुआ था कि नौकरी लगना प्रक्रिया में है। धीरे-धीरे करके वर्ष 2022 तक आरोपी ने उससे 85,00,000 रुपये ले लिए। इसके लिए उसे अपनी दो दुकानें, एक प्लाट बेचना पड़ा। करीब 12 लाख रुपये का कर्ज करना पड़ा। आरोपी से बात करने पर वह टालता रहा। अब वह फोन पर भी बात करने को तैयार नहीं है।
इस ठगी से उसका अच्छा कारोबार भी समाप्त हो गया है। परिवार एक दयनीय स्थिति में रह रहा है। सीओ चांदपुर भरत कुमार ने बताया कि पुलिस ने आरोपी शमशाद के खिलाफ धोखाधड़ी में रिपोर्ट दर्ज कर ली है।
विश्वास दिलाने के लिए दिखाता रहा बैंक के ई-मेल
मदनपाल सिंह का आरोप है कि शमशाद उसे विश्वास दिलाने के लिए बैंक के ऑप्रेशन विभाग के ई-मेल दिखाता रहा। हर बार उससे ड्राफ्ट बनवाने के नाम पर कभी 50 हजार, कभी 75 हजार रुपये लेता रहा।
कहता था कि जो रुपया दे रहे हो, नौकरी लगने पर 90 प्रतिशत आपको वापस हो जाएगा। इसके बाद हेड आफिस मुम्बई और आरबीआई के ई-मेल दिखाए। बाद में ज्वाइनिंग विभाग के ई-मेल भी दिखाए। मगर, नौकरी नहीं मिली। जब वह ई-मेल के प्रिंट मांगता तो वह अपने ही फोन पर दिखाकर प्रिंट देने को मना कर देता था।