वन्यजीवों को नेपाल के रास्ते चीन भेजता है बिहार का गिरोह
बिजनौर। शक्तिवर्धक दवाइयों में पैंगोलिन के अंगों का इस्तेमाल किया जाता है। पैंगोलिन के अलावा अन्य विलुप्त प्राय जीवों की चीन में खासी डिमांड है। तस्करी कर नेपाल के रास्ते चीन के बाजार में इन्हें बेचा जाता है। यह तस्वीर साफ हुई पुलिस की पूछताछ में। वहीं, बिहार के रहने वाले आरोपी संदीप साहू के मोबाइल में अन्य वन्य जीवों की वीडियो भी मिली हैं।
तस्करों के पकड़े जाने के बाद एसओजी की टीम ने इनके मोबाइल फोनों को खंगाला। जिनमें संदीप साहू निवासी बिहार के मोबाइल में पैंगोलिन की वीडियो बनाकर बिहार तनवीर आलम के पास भेजे जाने की पुष्टि हुई। इसके अलावा संदीप साहू के मोबाइल में वन्यजीव पत्थरचटा, चंदनगो, दोमुंहा सांप की वीडियो भी मिली है। बिहार के तस्कर वीडियो मिलने के बाद ही यहां आए थे। जिन्होंने अपने सरगना तनवीर आलम को वीडियो भेजकर यह बताया कि पैंगोलिन है, सौदा एक करोड़ में तय कर लिया। सोमवार को तनवीर आलम एक करोड़ रुपये की रकम लेकर भी आने वाला था। हालांकि इससे पहले ही पुलिस ने गिरोह को दबोच लिया। बिहार के तस्करों ने बताया कि वे अलग-अलग राज्यों से वन्यजीव और उनके अंगों को खरीदकर मेडिकल कंपनी को बेचने का काम करते हैं या फिर नेपाल के रास्ते चीन भेज दिया जाता है। बिहार के फरार आरोपी तनवीर आलम के तार अंतरराष्ट्रीय तस्करों से जुड़े हुए हैं।
मोटी रकम लेकर मदद करता है एसटीएफ का सिपाही
पकड़ा गया संतनराज बिहार एसटीएफ में सिपाही है। फिलहाल उसने एक महीने का अवकाश ले रखा था। एसटीएफ का सिपाही मोटी रकम लेकर तस्करों की मदद करता है। बिजनौर आने के लिए भी उसने दस लाख रुपये में सौदा किया था। तस्करों को सुरक्षा और विभागीय जानकारी मुहैया कराने में एसटीएफ का सिपाही मदद करता है।
पकड़े गए आरोपियों में रसूखदार भी शामिल
पकड़े गए आरोपियों में रसूखदार लोग भी शामिल हैं। फुरकान पूर्व प्रधान है। बताया जा रहा है कि वह इस बार एक पार्टी से विधानसभा के टिकट लेने की लाइन में भी लगा हुआ था। सुमित चौहान कारोबारी और एक विधायक का नजदीकी बताया जा रहा है। जबकि मेरठ का रहने वाला आरोपी दीपक जिले के विधायक का नजदीकी है और एक सरकारी विभाग में ठेकेदार बताया जा रहा है। वहीं, नजीबाबाद निवासी परवेज अभी फरार है, लेकिन वह भी रसूखदार और राजनैतिक परिवार से ताल्लुक रखता है। परवेज ने भी मस्तान के डेरे पर जाकर वीडियो बनाकर तस्करों को भेजी थी। परवेज के मोबाइल नंबर के आधार पर पहचान की कोशिश की जा रही है। पवन कुमार नजीबाबाद के आर्य कन्या इंटर कॉलेज के प्रबंधक हैं।
बीस किलो वजनी है पैंगोलिन
पुलिस टीम ने जिस पैंगोलिन को आरोपियों के पास से बरामद किया है, उसका वजन बीस किलो है। वजन ज्यादा होने की वजह से इसकी कीमत ज्यादा मिलनी थी। क्योंकि यह छह से सात किलो वजन के भी होते हैं। इसके लगभग सभी अंगों का इस्तेमाल दवाइयों में किया जाता है। तांत्रिक क्रियाओं में भी पैंगोलिन को इस्तेमाल करते हैं। पुलिस सूत्रों की मानें तो इससे पहले कई और लोगों के माध्यम से पैंगोलिन को बेचने का प्रयास किया गया था। शुरुआत में छह करोड़ रुपये मांगे जा रहे थे। ज्यादा रकम मिलने की उम्मीद में पांच से छह दिन बीत गए। इसी के चलते कई लोगों को पता लगा और एसओजी तक मुखबिरी हो गई। छह करोड़ में किसी से सौदा तय नहीं हुआ तो आखिरकार बिहार के तस्करों से एक करोड़ में बात बनी, लेकिन इससे पहले ही एसओजी ने निगरानी शुरू कर दी थी।
इस टीम ने किया गिरफ्तार
गिरफ्तार करने वाली टीम में स्वाट से प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार, एसआई जर्रार हुसैन, हेड कांस्टेबल राजकुमार नागर, खालिद, अरुण कुमार, मोहित शर्मा आदि समेत नगीना देहात थाने से थानाध्यक्ष संजय कुमार, एसआई रामवीर सिंह आदि शामिल रहे।