जिलेभर में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। भाइयों ने भी बहनों को उपहार देते हुए उनकी रक्षा का वचन दोहराया।
रक्षाबंधन पर सुबह से ही सड़कों पर चहल पहल थीं। कहीं पर बहनें अपने भाइयों के घर तो कहीं पर भाई अपनी बहनों के घर राखी बंधवाने के लिए पहुंचे। बहनों ने भाई की कलाई पर राखी बांधकर उनका मुंह मीठा कराया। बहनों ने राखी बांधने के बाद ही अन्न ग्रहण किया। भाइयों ने भी बहनों को उपहार या शगुन दिए। बच्चों में रक्षाबंधन को लेकर खासा उत्साह रहा। छोटे बच्चे कार्टून कैरेक्टर वाली राखी को बांधकर इतराते हुए घूमते रहे। रक्षाबंधन पर पूरे दिन बाजार में मिठाइयों की दुकानों पर उपभोक्ताओं की भीड़ लगी रही।
राखी की दुकानों व ठेलों पर भी शाम तक राखी बेची गई। रक्षाबंधन का असर बाजार पर भी नजर आया और पहली बार काफी संख्या में दुकानें बंद रहीं।
मंडावर क्षेत्र में रक्षाबंधन का पर्व धूमधाम से मनाया गया। बहनों ने भाइयों को राखी बांधकर उनके दीर्घायु होने की कामना की। त्योहार के कारण टैंपू और बसों में बहुत भीड़ होने से यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ा।
उधर, युवा भाजपा नेता ऐश्वर्य चौधरी एडवोकेट उर्फ मौसम ने रक्षाबंधन पर अपनी धर्म की गोद ली हुई 24 बहनों से राखी बंधवाई। धर्म की बहनों ने अपने भाई के लिए सामूहिक रूप से खाना बनाकर उनको खाना खिलाया। ऐश्वर्य चौधरी ने धर्म की 24 बहनों को गोद ले रखा है। इनमे 18 बहनें बंगाली समाज की, दो गुर्जर, एक पंडित और तीन दलित समाज की हैं। वे कई साल से गोद ली इन बहनों से राखी बंधवाते हैं और उनकी पढ़ाई और कोचिंग का सारा खर्च उठाते हैं।
गांव की सभी 18 धर्म बहनों ने उनके लिए संयुक्त रूप से खाना बनाया था। राखी बांधने के बाद उन्होंने अपने भाई के साथ मिलकर संयुक्त रूप से भोजन किया। धामपुर में रक्षाबंधन के पर्व पर बहनों ने भाइयों की कलाई पर राखी बांधकर उनकी लंबी उम्र की दुआ की। इस दौरान भाईयों ने बहनों की रक्षा का वचन देते हुए उपहार भेंट किए।
प्रेम और स्नेह के इस पर्व में भाई बहन एक-दूसरे के लिए समर्पित दिखाई दिए। दूरदराज से बहनें अपने भाइयों को राखी बांधने के लिए पहुंची। कई स्थानों पर सांप्रदायिक भेदभाव को भुलाकर बहनों ने मुस्लिम भाईयों के भी राखियां बांधी।
, अफजलगढ़, कालागढ़, रेहड़, शेरकोट, कासमपुरगढ़ी आैर स्योहरा में भी रक्षाबंधन का त्योहार हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। भाई-बहनों में उत्साह रहा।