ऐसा रक्षा बंधन कभी न रहा...। अपहृत वासु के न आने से गमजदा बहनें।
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बिजनौर। एक महीने से अगवा छात्र वासु नहीं मिला।परिवार के लोग वासु को याद कर रोते रहे। वासु की तीनों बहनों ने बताया कि 12 साल में पहली बार उसकी कलाई पर राखी नहीं बांधी। आज का दिन हमेशा कलेजे में कचोटता रहेगा। परिवार को ढांढस बंधाने भी कोई नहीं आया।
शहर कोतवाली के गांव रामपुर बकली निवासी सुनील कुमार का 12 साल का पुत्र वासु 14 जुलाई को एएनस इंटर नेशनल स्कूल से लौटते वक्त बाइक सवार एक व्यक्ति ने अगवा कर लिया, तब से पुलिस की कई टीम वासु को खोजने में लगी है, लेकिन अभी तक कोई कामयाबी नहीं मिली। वासु को बरामद करने के लिए परिजनों की मांग पर एसटीएफ बरेली को भी पुलिस के साथ लगाया गया है। सभी टीम वासु को खोजने में जुटी हैं। बहनों ने आंदोलन के दौरान रक्षाबंधन तक वासु को बरामद करने की प्रशासन से मांग की थी. पर रक्षाबंधन पर भी वासु का पता नहीं चला।
वासु तीन बहनों का इकलौता भाई है। तीनों बहनों में वह सबसे छोटा है। सबसे छोटा होने के कारण तीनों बहने पारूल, नेहा व प्रियांशी वासु को बहुत प्यार करती हैं। रक्षा बंधन पर तीनों बहनें वासु के लौटने का इंतजार करती रहीं, पर वास़ु नहीं आया। तीनों बहने वासु को याद करती हुई रोती रही।