परे भूमि नहिं उठत उठाए, बलकरि कृपा सिंधु उर लाए
बिजनौर। परे भूमि नहिं उठत उठाए, बलकरि कृपा सिंधु उर लाए। स्यामल गात रोम भए ठाढ़े, नव राजीव नयन जल बाढ़े। भरत जी श्रीराम को साष्टांग दंडवत करते हुए पृथ्वी पर गिरकर पड़े रहे, उठाने से नहीं उठे। तब कृपासिंधु रामचंद्र जी ने उठाकर उन्हें अपने हृदय से लगा लिया। उनके सांवले शरीर के रोम खड़े हो गए, नवीन कमल के समान नेत्रों से आंसू बहने लगे।
श्रीरामलीला सेवा समिति द्वारा श्रीराम - भरत मिलाप पर भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया। शोभायात्रा का शुभारंभ भाजपा विधायक सुचि चौधरी, भाजपा नेता एश्वर्य चौधरी, जिला बार अध्यक्ष एसके बबली, व्यापारी दुष्यंत कुमार, ज्योतिषविद ललित शर्मा, व्यापारी रजनीश अग्रवाल ने श्रीराम दरबार की आरती करके किया।
शोभायात्रा में सबसे आगे श्री रामानंद अखाड़ा व रामा अखाड़ा के युवा रहे। युवा अखाड़े में अनेक करतब करते चल रहे थे। उनके करतब को देखकर हर कोई रोमांचित हो गया। इसके पीछे धर्म ध्वजा थी। शोभायात्रा में कमल के फूल पर भगवान गणेश, डांडिया रोड शो, श्रीराम से आशीर्वाद लेते हनुमान, रामायण पढ़ते हुनमान, अघोरी, शंकर तांडव, कर्ण-अर्जुन संवाद, माता रानी झूला झूलते हुए, राधा कृष्ण, शिव-पार्वती की परिक्रमा करते गणेश, केरल नृत्य, गरूण पर सवार भगवान विष्णु, शिव विवाह, भरत शत्रुघन का डोला, नंदी पर शंकर, शेरों वाली माता, रथ पर मां दुर्गा, अमरनाथ गुफा आदि झांकियां शामिल रहीं। देशभक्ति से जुड़ी झांकी भी शामिल रहीं। अंत में श्रीराम भगवान का डोला रहा। शोभायात्रा में शामिल एक दर्जन से अधिक बैंड पर देशभक्ति व भक्ति गीत बजते रहे। शोभायात्रा अनेक मार्गों से होकर रम्मू के चौराहे पर पहुंची। रात को करीब 12 बजे टाउन हॉल पर पहुंचने पर शोभायात्रा संपन्न होगी। इस दौरान समिति अध्यक्ष अचल अग्रवाल, संरक्षक संजय गुप्ता, महामंत्री राहुल शर्मा, प्रदीप कौशिक, अजय कुमार, निखिल गहलौत, विनय अग्रवाल, राजेंद्र गौतम, अंकुर गौतम, वरूण कुमार, रामदर्शन अग्रवाल, जिला बार सचिव नवदीप चौहान आदि मौजूद रहे।