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विद्युत संविदा कर्मियों के ईपीएफ का लाखों की धनराशी खातों में नही हुई जमा

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संविदा कर्मियों के खातों में नहीं पहुंच रहा ईपीएफ का लाभ, गोलमाल
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बिजनौर। जिले के संविदा विद्युत कर्मियों का ईपीएफ का लाखों रुपया उनके खातों में जमा नहीं हुआ है। ईपीएफ राशि का गोलमाल सामने आने पर कर्मचारियों में हड़कंप मचा है। जिसको लेकर उत्तर प्रदेश पावर कोरपोरेशन निविदा/ संविदा कर्मचारी संघ ने मामले की जांच की मांग को लेकर पांच अगस्त से बेमियादी कार्य बहिष्कार का एलान कर दिया है।
मामला बिजनौर परिक्षेत्र का है। बिजनौर सर्किल में बिजनौर तथा चांदपुर तहसील के चार डिविजन हैं। इनमें करीब 400 संविदा कर्मी बिजलीघरों पर काम कर रहे हैं। उत्तर प्रदेश पावर कोरपोरेशन निविदा/ संविदा कर्मचारी संघ के जिलाध्यक्ष सतीश कुमार के अनुसार एक कर्मचारी के वेतन से करीब 1500 रुपये प्रति माह ईपीएफ कटता है। लेकिन कर्मचारियों का फरवरी से जून माह तक का ईपीएफ खाते में जमा नहीं किया गया है। यह धनराशि करीब तीस लाख रुपये है। जानकारी मांगने पर कर्मचारियों का उत्पीड़न किया जा रहा है। कर्मचारियों को नौकरी से निकाला जा रहा है। बिजलीघरों पर सुरक्षा उपकरण नहीं दिए गए हैं। उमरपुरा मीरा बिजलीघर का लाइनमैन हादसे में घायल हो गया था। ईपीएफ मामले में एसडीओ और जेई की भूमिका संदिग्ध है। प्रकरण की जांच कराने की मांग को लेकर अधीक्षण अभियंता को ज्ञापन दिया गया है। साथ ही संघ ने चार अगस्त को एसई दफ्तर पर धरना देने तथा पांच अगस्त से कार्य बहिष्कार का निर्णय लिया। इस मामले से कर्मचारी नेताओं ने डीएम, एमडी विद्युत समेत विभागीय अधिकारियों को भी सूचना दे दी है।
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फंड जमा नहीं होने का मामला नया नहीं
जिलाध्यक्ष सतीश कुमार के अनुसार प्रदेश में पहले भी फंड में घोटाला हुआ था। इसकी कई स्तर से जांच हुई थी। अब पांच माह से बिजनौर सर्किल के संविदा कर्मियों का ईपीएफ कटौती का पैसा उनके खातों में जमा न होना सीधे सीधे घोटाले की तरफ संकेत कर रहा है। यह अल्प वेतनभोगी कर्मचारियों के लिए बड़ा झटका है। मामले का जांच कर खुलासा होना जरुरी हैं।
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