बिजनौर में डीएम वीके आनंद ने चेतावनी दी है कि यदि यूपी बोर्ड की परीक्षाओं में कहीं भी नकल होती मिली तो नकल कराने वालों पर गैंगेस्टर और रासुका लगेगा। नकल माफिया और दबंगई दिखाने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। प्रधानाचार्य नकलविहीन परीक्षा सुनिश्चित करें।
विकास भवन के सभागार में जिले के यूपी बोर्ड परीक्षा के प्रधानाचार्य/केंद्र व्यवस्थापकों की बैठक में डीएम वीके आनंद ने कहा कि 17 फरवरी से यूपी बोर्ड की दसवीं और बारहवीं की परीक्षाएं शुरू हो रही ह, लेकिन अध्यापक स्तर से परीक्षार्थियों के साथ अन्याय नहीं होना चाहिए। उन्होंने कहा प्रधानाचार्य सत्यनिष्ठा से अपनी ड्यूटी करें। परीक्षा को नकल विहीन कराने की जिम्मेदारी अध्यापक और प्रधानाचार्य की संयुक्त रूप से है। परीक्षा केंद्रों पर पुलिस की ऐसी घेराबंदी रहेगी कि कोई भी परीक्षा के दौरान केंद्र के आसपास नहीं फटक सकेगा। शिक्षक एवं प्रधानाचार्य नकलविहीन परीक्षा कराएं, भले ही जिले का रिजल्ट कम रहे। यदि कोई दबंगई दिखाए तो सीधा उन्हें फोन करें।
डीएम ने चेताया है कि यदि कोई शिक्षक, प्रधानाचार्य, मैनेजमेंट का व्यक्ति या अन्य कोई नकल माफिया नकल कराते पकड़ा गया तो वे सलाखों पीछे नजर आएंगे। प्रधानाचार्य विद्यालयों में फर्नीचर, शौचालय, पेयजल जैसी मूलभूत सुविधाएं सुनिश्चित करें।
डीएम ने कहा है कि आजादी के सत्याग्रह आंदोलन की तर्ज पर जिले में शिक्षाग्रह आंदोलन चलेगा। इसके अंतर्गत कक्षा पांच से बारह तक के बच्चों की माह में दो-तीन यूनिट परीक्षा होगी। परीक्षा के प्रश्नपत्र उनके द्वारा बनवाए जाएंगे। यदि बच्चों का शिक्षा स्तर नहीं सुधरा तो शिक्षकों की वेतनवृद्धि , प्रमोशन रोकने, समेत निलंबन की कार्रवाई होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि वे ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने से भी पीछे नहीं रहेंगे। समय समय पर टीचर्स की कार्यशाला लगेंगी।
डीएम ने प्रधानाचार्य एवं शिक्षकों को नसीहत दी है कि शिक्षक शिक्षा को बेचने का काम नहीं करें। उन्होंने कहा शिक्षा हर बच्चे का मौलिक अधिकार है। उन्होंने कहा परीक्षा में नंबर दिलाने एवं नकल कराने के नाम पर पैसा लेने वाले प्रधानाचार्य एवं शिक्षक होशियार रहे। पकड़े जाने पर उन्हें बक्शा नहीं जाएगा। छात्रों को नकल कराने के नाम पर पैसा न देने की सलाह दी है।
डीएम ने कहा कि यूपी बोर्ड की परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। केंद्रों पर उत्तर पुस्तिकाओं तथा प्रश्रपत्रों के पहुंचने के साथ ही पुलिस केंद्र को अपने कब्जे में ले लेगी। सेक्टर मजिस्ट्रेट लगातार केंद्रों का दौरा करके प्रतिदिन आख्या देंगे। इसमें सीडीओ डॉ. इन्द्रमणि त्रिपाठी, डीआईओएस डॉ. अरुण कुमार दूबे, एडीआईओएस मनोज आर्य, जिला समाज कल्याण अधिकारी अजय गोस्वामी आदि मौजूद रहे।
डीएम वीके आनंद ने जिले में ग्रामीण एवं नगरीय क्षेत्र में सार्वजनिक स्थानों और संपत्तियों पर अतिक्रमण किसी भी अवस्था में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वहीं डीएम ने यूपीएसएस और यूपी एग्रो द्वारा स्थापित धान क्रय केंद्रों पर लक्ष्य के सापेक्ष बहुत कम प्रगति पाने पर नाराजगी है। दोनों एजेंसियों के जिला प्रबंधकों और केंद्र प्रभारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश अपर जिलाधिकारी प्रशासन को दिए हैं।
उन्होंने हाईकोर्ट द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में ग्राम सभा, नगर निकायों की तालाबों, पोखरों, कब्रिस्तानों आदि कब्जा मुक्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी उप जिलाधिकारियों एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस को संबोधित अपने पत्र में निर्देश दिए हैं कि अपने-अपने क्षेत्र में पाये जाने वाले अवैध कब्जों को विशेष अभियान चला कर हटाया जाना सुनिश्चित करें।
साथ ही अभियान के दौरा की गई कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराएं। उन्होंने चेतावनी दी है कि उनके औचक निरीक्षण के दौरान यदि ग्राम सभा व नागर निकाय की संपत्तियों, सड़कों, नाली-नालों, नुजूल भूमियों आदि पर अवैध कब्जा पाया जाता है तो उसके लिए संबंधित उप जिलाधिकारी एवं क्षेत्राधिकारी पुलिस उत्तरदायी होंगे।
उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि तहसील दिवस के अवसर पर अवैध कब्जा या अतिक्रमण हटाने के संबंध में गठित समिति का व्यापक प्रचार-प्रसार कराएं। जो भी अवैध कब्जा संबंधी जो शिकायत प्राप्त हो तत्काल आवश्यक जांच करें और शिकायत सही पाए जाने पर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करें।