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Bijnor News: मधुमक्खियों ने किया हमला, चार किसान घायल

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संवाद न्यूज एजेंसी
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नहटौर। खेत में काम कर रहे किसानों पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इससे चार घायल हो गए। घायलों का निजी चिकित्सकों से उपचार कराया गया।

ढकौली निवासी उमेश पुत्र नाथे सिंह खेत में काम कर रहा था। इसी दौरान उस पर मधुमक्खियों के झुंड ने हमला कर दिया। इसके अलावा बहादुर पुत्र मंगलू सिंह और मुन्नु कश्यप पुत्र मल्लू सिंह जंगल गन्ना छिलने के लिए जा रहे थे जबकि मोनू पुत्र यशवीर सिंह सिंचाई करने गया था। उन पर भी मधुमक्खियों ने हमला कर दिया। सभी ने ईंख के खेतों में छिपकर अपनी जान बचाई।
मधुमक्खियों के हमले में घायल हुए सभी लोगों ने निजी चिकित्सक से उपचार कराया। ग्रामीण धर्मवीर, राजीव शर्मा, सुशील शर्मा, रामपाल सिंह, रघुवीर सिंह आदि ने बताया कि मधुमक्खियों का छत्ता चकरोड के किनारे खड़े पीपल के पेड़ पर लगा है। आए दिन मधुमक्खियां किसानों पर हमला करती रहती हैं। 20 दिन पूर्व भी मधुमक्खियों ने हिमांशु, हर्ष प्रेमदेव सहित तीन लोगों पर हमला कर घायल कर दिया था।
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मधुमक्खी के काटने पर ये करें उपचार
- डंक को हटाएं... चिमटी का उपयोग करने से बचें क्योंकि जब आप डंक को दबाते हैं तो वे आपकी त्वचा में अधिक जहर डाल सकते हैं। डंक को जितनी जल्दी हो सके निकालने की कोशिश करें। इससे आपके शरीर में जहर का प्रवेश कम हो जाता है।

- अपने घाव को साफ करें ... जहां पर मधुमक्खी ने आपको काटा है, उस जगह को साबुन और पानी से साफ करें।-

- अपनी त्वचा पर आइस पैक रखें... सूजन कम करने के लिए आप आइस पैक को तौलिए में लपेटकर अपनी त्वचा पर रख सकते हैं।

- अपनी चोट पर नज़र रखें। अगर सूजन डंक की जगह से आगे फैलती है और आपको एलर्जी के लक्षण दिखाई देते हैं, तो तुरंत डाॅक्टर के पास जाएं।
- एंटीहिस्टामाइन या दर्द निवारक दवा लें। मधुमक्खी के डंक से दर्द होता है और खुजली हो सकती है। एंटीहिस्टामाइन त्वचा के लक्षणों को कम कर सकते हैं। एसिटामिनोफेन या इबुप्रोफेन जैसी ओवर-द-काउंटर (ओटीसी) दर्द निवारक दवाएं आपके दर्द को कम कर सकती हैं। इन दवाओं का उपयोग लेबल पर दिए गए निर्देशों के अनुसार करें।
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मधुमक्खी के काटने पर ये हो सकता है...
-डंक के स्थान पर तेज जलन वाला दर्द और सूजन

-डंक के आसपास की त्वचा का रंग बदल जाना।

- गंभीर एलर्जिक रिएक्शन ( एनाफिलैक्सिस ) हो सकता है।
- सांस लेने में दिक्क्त।
- जीभ और गले में सूजन।
हल्का सिरदर्द या चक्कर आना ।

पेट में ऐंठन, जी मिचलाना
दस्त और तेज नाड़ी
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मधुमक्खी के काटने के घरेलू उपचार



- प्रभावित जगह पर बर्फ लगाने से कई तरह की परेशानियों और लक्षणों में राहत मिल जाएगी. ठंड की वजह से विषाक्त पदार्थ बहुत अधिक फैलता नहीं है।



- बेकिंग सोडा अल्कलाइन होता है. जोकि जहर के असर को कम करने में मददगार होता है. बेकिंग सोडा लगाने से दर्द, खुजली और सूजन में राहत मिलेगी।



- सिरके के इस्तेमाल से भी जहर का असर कम हो जाता है. साथ ही ये भी दर्द, सूजन और खुजली में राहत पहुंचाता है।



- मधुमक्खी काट लेने पर शहद का इस्तेमाल करना भी बहुत फायदेमंद होता है. ये जहर को फैलने नहीं देता है और इसका एंटी-बैक्टीरियल गुण संक्रमण बढ़ने नहीं देता है।



- सफेद टूथपेस्ट लगाने से भी डंक के दर्द में राहत मिलती है. ये जहर के अम्लीय प्रभाव को कम करता है. इसके इस्तेमाल से दर्द और सूजन में राहत मिलती है।
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