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ई-संजीवनी एप से दें बीमारियों को मात

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ई-संजीवनी एप से दें बीमारियों को मात
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बिजनौर। जनपदवासी अब ई-संजीवनी एप से अपना उपचार करा सकते हैं। डिजिटल इंडिया की मुहिम इस कोरोना काल में अच्छे परिणाम दे रही है। एक ओर आरोग्य सेतु एप से लोग घर बैठे कोरोना को मात देने में सफल हो रहे हैं, तो वहीं दूसरी तरफ जिले के लोग अब ई-संजीवनी एप से बिना अस्पताल जाए ही अपनी किसी भी बीमारी का इलाज करा सकते हैं।
जिला अस्पताल एवं महिला अस्पताल के अलावा जिले में कुल 22 प्राथमिक और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हैं। इसके अलावा करीब 45 उप स्वास्थ्य केंद्र हैं। इन केंद्रों पर आने वाले सभी मरीजों को भी एप के जरिए इलाज की सलाह दी जा रही है। फिलहाल यह सुविधा जिला अस्पताल के चिकित्सकों के लिए ही लागू की गई है। सभी स्वास्थ्य अधिकारियों और कर्मचारियों को ई-संजीवनी एप को प्रोत्साहित करने के लिए निर्देशित किया गया है। स्वास्थ्य विभाग की कोशिश है कि ओपीडी जैसी सुविधा ई-संजीवनी एप के जरिए लोगों को उनके घर पर ही मिल सके। इस एप के प्रति लोगों का रुझान बढ़ाने के लिए प्रयास किए जा रहे हैं। जिला अस्पताल के सीएमएस डॉ. ज्ञानचंद ने बताया कि ई-संजीवनी एप से बिना किसी अस्पताल जाए ही किसी भी बीमारी का इलाज कराया जा सकता है। इसके लिए मोबाइल पर आने वाले कुछ प्रश्नों के उत्तर देने होते हैं, जिन्हें बताने के बाद इलाज शुरू हो जाता है।
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ई-संजीवनी एप से ऐसे होता है इलाज
ई-संजीवनी एप के जरिए कोई भी व्यक्ति सोमवार से शनिवार के बीच सुबह नौ से शाम चार बजे तक स्वास्थ्य संबंधी परामर्श ले सकता है। इसके लिए व्यक्ति के पास सिर्फ एक स्मार्ट फोन होना चाहिए। अपने फोन पर जैसे ही ई-संजीवनी एप डाउनलोड करेंगे। एप आपसे कुछ जानकारी मांगेगा, जिसे फीड करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। यह ओटीपी आपको तत्काल फीड करना होगा। इस पूरी प्रक्रिया के मात्र दस मिनट के अंदर ही चिकित्सक का फोन आ जाएगा। फिर डॉक्टर को समस्या बताने के पांच मिनट के अंदर ही मोबाइल पर दवा की पर्ची आ जाएगी। दवाएं भी ऐसी बताई जाएंगी, जो किसी भी मेडिकल स्टोर पर आसानी से मिल सकें।
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