नजीबाबाद में पतंगबाजी के लिए रंग-बिरंगी पतंगे खरीदते किशोर।(स्रोत-संवाद)
बिजनौर, नजीबाबाद। देश के विभिन्न क्षेत्रों में चीन के मांझे से कई लोगों की जान जाने और प्रतिबंधित बंधित मांझे पर अंकुश नहीं लगने से लोग परेशान है। बसंत पंचमी पर पतंगबाजी के बढ़ते प्रचलन में चीन के मांझा लोगों के लिए इस बार भी खतरा बन सकता है।
चीन के मांझे की बिक्री और इस्तेमाल पर प्रतिबंध है। इसके बावजूद आकाश में रंग बिरंगी पतंगों को उड़ाने में चीन के मांझे का धड़ल्ले से इस्तेमाल किया जा रहा है।
नगर क्षेत्र के आबादी से कई फ्लाईओवर और रपटा पुल से गुजरने वाले दर्जनों दोपहिया वाहन चालक चीन निर्मित मांझे की चपेट में आकर घायल हो चुके हैं। घायलों में स्कूली छात्र भी शामिल रहे हैं। चीन निर्मित मांझे से होने वाली घटनाओं को रोकने के लिए कई बार प्रशासन ने पतंग विक्रेताओं की दुकानों पर छापे मारे, लेकिन प्रशासन मांझा बरामद नहीं कर पाता है।
बताया जाता है कि पतंग विक्रेता प्रतिष्ठानों पर चीन का मांझा न रखकर सादा मांझा रखते है और पतंगबाजों को पहचान कर उन्हें इधर-उधर रखे चीनी के मांझे उपलब्ध कराते हैं।
ऑनलाइन मंगाया जा रहा मांझा : पतंग विक्रेता बबलू, आलम, मुकेश, सार्थक, सादाब, राहुल, फारुख, बल्ली बताते हैं कि रामपुर, बरेली और हरिद्वार से चीन निर्मित मांझा मंगाया जाता रहा है। काफी समय से वे चीन का मांझा न बेचकर सादे मांझे की बिक्री कर रहे हैं। पतंग विक्रेताओं का दावा है कि पतंग उड़ाने वाले युवा दिल्ली, मेरठ, हरिद्वार तथा अन्य स्थानों से चीन का मांझा ऑनलाइन मंगा रहे हैं।