फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गांव पहुंचा चलता-फिरता बैंक

Mon, 09 Jan 2017 12:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, बिजनौर
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर में कैश की किल्लत खत्म होने के बाद स्थिति सुधरी तो सर्व यूपी ग्रामीण बैंक ने बीसीए (बैंकिंग कोरसपोंडेंस एजेंट) को चलती फिरती एटीएम बना दिया है। एजेंटों को बैंक द्वारा माइक्रो एटीएम दी गई है। देहात क्षेत्र में उपभोक्ताओं को सुविधा देने के लिए यह पहल की गई है। माइक्रो एटीएम के प्रयोग से देहात के उपभोक्ता डेबिट व क्रेडिट कार्ड चलाने के प्रति जागरूक होंगे।
विज्ञापन

आज भी देहात क्षेत्र में बैंकों का एरिया काफी दूर तक फैला हुआ है। औसतन चार-पांच गांवों में एकाध बैंक होता है। ऐसे में गांव वालों के खाते खोलने व छोटे मोटे भुगतान करने या नगद जमा करने के लिए बैंकों द्वारा गांवों में बीसीए नियुक्त किए जाते हैं। यह बीसीए खाते खोलने के अलावा एक दिन में एक उपभोक्ता को अधिकतम दस हजार रुपये का भुगतान देते हैं या उनके 20 हजार तक जमा कर सकते हैं। किसी क्षेत्र में जिस बैंक के ज्यादा ग्राहक होते हैं, वहां उसी बैंक के बीसीए की नियुक्ति की जाती है। जिले में करीब 250 बीसीए नियुक्त हैं। इनको आम भाषा में चलता फिरता बैंक भी कहा जाता है। नोटबंदी के बाद कैश की किल्लत होने पर इन बीसीए के अधिकार सीमित कर दिए गए थे। अब हालात सामान्य होने पर सर्व यूपी ग्रामीण बैंक ने बीसीए के अधिकार बढ़ाए हैं। 45 बीसीए को बैंक द्वारा माइक्रो एटीएम दी गई हैं। गांवों में डेबिट व क्रेडिट कार्ड से भुगतान देने के लिए फिलहाल दस हजार रुपये दिए जा रहे हैं। कैश की किल्लत बिल्कुल खत्म होने पर इन बीसीए को और ज्यादा कैश दिया जा सकता है। गांव में कैश पहुंचने से उपभोक्ताओं को राहत मिलनी शुरू होगी। साथ ही गांव वाले डेबिट कार्ड व क्रेडिट कार्ड के प्रयोग के प्रति भी जागरूक होंगे। सर्व यूपी ग्रामीण बैंक के क्षेत्रीय प्रबंधक शिवदास के अनुसार 45 बीसीए को माइक्रो एटीएम देकर उनको भुगतान के लिए कैश भी दिया जा रहा है। बीसीए उपभोक्ताओं को डिजिटल पेमेंट के लिए भी जागरूक करेंगे। उपभोक्ताओं को किसी तरह की परेशानी नहीं होने दी जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें