शेरकोट में खाताधारकों ने पीएनबी के स्टाफ को बैंक के बाहर करीब दो घंटे रोक कर जमकर प्रदर्शन किया। आरोप लगाया कि बैंक के अधिकारी कैश वितरण के मामले में भेदभाव बरत रहे हैं। पुलिस के समझाने के बाद ही लोगों ने किसी तरह से स्टाफ को बैंक के अंदर जाने दिया। लोगों ने एलडीएम बिजनौर व मंडल प्रमुख बरेली से नोटबंदी के दौरान अब तक कैश के हुए वितरण की जांच करने की मांग की है।
खाताधारक शब्बू, गोल्डी, सविता, कमला, जेबुद्दीन, अरुण कुमार, महीपल सिंह, गौरव कुमार, करण सिंह, विनोद कुमार सहित काफी संख्या में लोग कैश लेने को 10 बजे से पहले ही बैंक के बाहर जमा हो गए। बैंक खुलने का समय होने तक वहां पर लोगों की हुजूम एकत्र हो गया। जैसे ही बैंक में अधिकारियों और अन्य स्टाफ ने आकर बैंक के अंदर जाने का प्रयास किया, तो लोगों ने विरोध किया। लोगों ने अधिकारियों के अंदर जाने का प्रयास करने के बाद भी उन्हें बाहर ही रोक दिया। अधिकारियों ने इस दौरान लोगों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने तक का आरोप लगाते हुए हटने को कहा, पर लोग नहीं माने। लोगों का आरोप है कि बैंक अधिकारी कैश वितरण में भेदभाव कर रहे हैं। वह 56 दिन से कैश के लिए परेशान हो रहे हैं। बैंक के अंदर जाकर विरोध करने पर उनकी सुनवाई नहीं हो रही है। अधिकारी अभद्रता का आरोप लगाकर उन्हें बैंक सिक्योरिटी गार्डों से बाहर निकलवा देते हैं। जब तक बैंक के उच्च अधिकारी यहां आकर उनकी समस्या का निदान नहीं करते, वह शाम तक स्टाफ को बैंक के भीतर नहीं जाने देंगे। इस दौरान बैंक अधिकारियों ने पुलिस को फोन कर बुला लिया। पुलिस ने भी लोगों के गुस्से को देख उन्हें समझाकर शांत करने का प्रयास किया, पर काफी देर तक उन्होंने पुलिस की भी नहीं सुनीं। एसओ के समझाने के बाद गुस्साए लोग शांत हुए, तब कहीं बैँक स्टाफ अंदर पहुंचा।
उधर बैंक प्रबंधक चमनलाल ने लगे आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि उनकी शाखा का एक नहीं चाहे कई बार बैंक अधिकारी जांच कर लें। खामी नहीं मिल सकती। वहीं कालागढ़ में नो कैश की समस्या से जूझ रहे बैंकों का असर अब वन विभाग के सामने भी परेशानी के रूप में सामने आने लगा है। टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक अमित वर्मा के अनुसार अब मजदूरों को भी वन विभाग चेक से ही भुगतान करेगा। इसके आदेश अधीनस्थ अधिकारियों को दे दिए हैं।
बैंकों में चल रही नो और लो कैश की समस्या का प्रभाव अब आम आदमी पर सीधे पड़ने लगा है। वहीं सरकारी विभागों ने अब मजदूरों को भी उनकी मजदूरी का भुगतान चेक से करने के आदेश जारी किए हैं। नोट बंदी के एक माह बाद अब सरकारी विभागो में भी कैश का टोटा हो गया है। कार्बेट टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक ने बताया अब सरकारी कामकाज के लिए मजदूरों को रेंज स्तर से भुगतान करने में समस्या आ रही है। ऐसे में रेंज अधिकारियों को चेक बुक से मजदूरों को भुगतान करने के आदेश दिए हैं।
उधर, कालागढ़ स्थित एसबीआई शाखा में पूरे दिन लो कैश की स्थिति रही। इस कारण खातेदारों को मात्र दो से चार हजार रुपये का भुगतान किया गया। सायंकाल क्लोजिंग में नो कैश की स्थिति आ गई। बैंक के प्रबंधक निरूपम शर्मा के अनुसार बैंक में कैश के लिए उच्च बैंकों से कैश आने पर उसका वितरण किया जा रहा है। जैसे ही कैश आएगा, उसका भुगतान शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि नोटबंदी के 52वें दिन बाद भी स्थिति में सुधान नहीं आया। लोग बैंक के बाहर पैसे निकालने के लिए लाइन लग रहे हैं। यही स्थिति एटीएम में है। शहर के ज्यादातर एटीएम या तो बंद हैं या फिर जो खुले भी हैं उनमें कैश की किल्लत है। बैंक अधिकारियों का कहना है कि एटीएम में कैश की कोई कमी नहीं है। हालांकि कालागढ़ में अब वन विभाग के सामने भी परेशानी के रूप में सामने आने लगा है। अब मजदूरों को भी वन विभाग चेक से भुगतान करेगा।