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बजाज ग्रुप की चीनी मिलों की लेवी बिलाई से जारी होने पर डीएम ने लगाई रोक

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बजाज ग्रुुप की चीनी मिलों की लेवी पर रोक
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बिजनौर। बजाज ग्रुप की सभी चीनी मिलों के हिस्से की शीरा लेवी देने के बजाज चीनी मिल की मांग पर डीएम रमाकांत पांडेय ने रोक लगा दी है। डीएम ने ग्रुप के अध्यासी अधिकारी को पत्र लिखकर ऐसा न करने के निर्देश दिए हैं। इससे जिले के किसानों का गन्ना भुगतान प्रभावित होने का हवाला दिया है।
चीनी मिलों द्वारा कुल पैदा होने वाले शीरे का 18 प्रतिशत कोटा सरकार को दिया जाता है। सरकार इस शीरे के दाम 100 रुपये प्रति क्विंटल देती है जबकि बाजार में शीरे के दाम करीब 500 रुपये प्रति क्विंटल तक चल रहे हैं। शीरा बेचकर मिलने वाली राशि के 85 प्रतिशत हिस्से से किसानों का गन्ना भुगतान किया जाता है। बजाज ग्रुप की बिजनौर चीनी मिल ने पिछले साल अपनी मिल की कुल 27 करोड़ की चीनी व शीरा दूसरी मिलों को डायवर्ट कर बेच दिया था। इससे मिल का भुगतान प्रभावित हुआ था। बिलाई चीनी मिल के अफसरों ने अपने ग्रुप की सभी चीनी मिलों की लेवी अपनी मिल से देने की बात कही थी जिस पर गन्ना विभाग ने आपत्ति लगा दी थी। अब डीएम रमाकांत पांडेय ने मिल के अफसरों को अपनी ही मिल की शीरा लेवी सरकार को देने को कहा है।
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डीएम ने बजाज हिंदुस्थान शुगर लिमिटेड के अध्यासी/प्रधान प्रबंधक को जारी निर्देश में कहा है कि चीनी मिल पर वर्तमान पेराई सत्र का 211 करोड़ से ज्यादा बकाया है, जिसका भुगतान धन के अभाव में अब तक शुरू नहीं किया गया है। ग्रुप की सभी मिलों का लेवी कोटा बिलाई मिल से जारी होने पर लेवी मूल्य कम होने से कम राशि मिलेगी। गन्ना नियमों के अंतर्गत चीनी, शीरा, बगास, बिजली व प्रेसमड से मिलने वाली राशि का 85 प्रतिशत गन्ना किसानों को देना है। चीनी मिल द्वारा समय से भुगतान न किए जाने से किसान आए दिन आंदोलन करते रहते हैं। अन्य चीनी मिलों का लेवी शीरा कोटा बिलाई चीनी मिल से आपूर्ति जनहित एवं टैगिंग आदेशों के विपरित है। डीएम ने बाकी चीनी मिलों का कोटा बिलाई से न उठाने के निर्देश दिए हैं।
यह होती है लेवी
सरकार चीनी मिलों से चीनी और शीरे का एक तय कोटा निर्धारित कीमत पर पर लेती है। लेवी चीनी मिलों का सरकार के लिए निर्धारित कोटा है। लेवी शीरे में ली जाने वाली खाद्य वस्तु जनता को कम कीमत पर बांटी जाती है या सरकार अन्य कार्यों में खर्च करती है। यह कोटा कम कीमत पर लिया जाता है।
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अब नहीं देंगे दूसरे मिलों की लेवी
बिलाई चीनी मिल के गन्ना महाप्रबंधक परोपकार सिंह के अनुसार ग्रुप की दो मिलों की शीरा लेवी बिलाई चीनी मिल से देने की योजना थी लेकिन अब ऐसा नहीं किया जा रहा है। गन्ना भुगतान के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं।
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