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दहशत में व्यापारियों ने नहीं खोलीं दुकानें

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बिजनौर के कस्बा झालू में रचित की हत्या करने के बाद भी दुकान पर खड़े बैखाफ चारों आरोपी। - फोटो : BIJNOR
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चार तमंचे बरामद, हत्यारोपियों का किया चालान
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बिजनौर। रचित की हत्या के बाद डरे सहमे व्यापारियों ने शनिवार को बाजार नहीं खोला। सुबह को एसपी ने कस्बे में पहुंचकर व्यापारियों से बात की और उन्हें सुरक्षा का भरोसा दिया। उसके बाद बाजार खोला गया। कसबे में दो प्लाटून पीएसी और पीएसी तैनात है। पुलिस ने हत्यारोपियों का चालान कर दिया है। उनके कब्जे से चार तमंचे बरामद हुए हैं।
एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह ने झालू के व्यापारियों से अपनी दुकानें खोलने को कहा है। रचित की हत्या के बाद से व्यापारियों ने अपनी दुकानें बंद कर ली थीं। झालू में दो प्लाटून पीएसी व पुलिस तैनात है। पुलिस हर गतिविधि पर नजर रख रही है। एसपी ने बताया कि फिलहाल झालू के हालात सामान्य हैं। जो भी अफवाह फैलाएगा उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, रचित के हत्यारोपी झालू के मोहल्ला पीरजादगान निवासी शारिक, शादाब, शहजाद व शहबर का शनिवार को चालान कर दिया गया। उनके कब्जे से चार तमंचे बरामद किए गए हैं। पांचवां आरोपी आसिफ मौके से भाग गया था। पुलिस की कई टीम उसे दबोचने में लगी हैं। रचित का शनिवार को गंगा बैराज पर अंतिम संस्कार कर दिया गया। रचित की शवयात्रा में बड़ी संख्या में युवक शामिल पड़े। फेसबुक व व्हाट्सएप के माध्यम से बिजनौर के अलावा आसपास के जिलों के युवकों ने उसकी हत्या पर दुख जताया।
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भाजयुमो के नेताओं ने पुलिस पर जो आरोप लगाए हैं, उसकी जांच एसपी सिटी प्रवीण रंजन सिंह को सौंपी गई है। जांच के बाद इस मामले में कार्रवाई होगी - एसपी डॉ. धर्मवीर सिंह।
आपत्तिजनक पोस्ट डालने वाला गिरफ्तार
रचित की हत्या के बाद सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ युवक माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। एक युवक ने अपने व्हाट्सएप के स्टेटस पर हत्या पर खुशी मनाकर आपत्तिजनक स्टेटस डाल दिया। पुलिस ने आरोपी युवक को दबोच लिया है। कस्बा झालू के मोहल्ला कानूगोयान निवासी नाजिम ने अपने व्हाट्सएप पर रचित की हत्या के बाद स्टेटस डाला दिया कि ‘गद्दी तेरी, ताज हमारा होगा, शहर कोई सा भी हो’। यह पोस्ट सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुआ। इसका पता चलने पर पुलिस हरकत में आई और नाजिम को दबोच लिया। नाजिम के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जा रही है। पुलिस नाजिम से पूछताछ करने में जुटी हैं।
रचित को मारी गईं 13 गोलियां
हत्यारोपियों ने रचित पर 13 गोलियां दागी थीं। इनमें छह गोली रचित को लगीं। एक गोली रचित के माथे, बाकी गोली सीने व पेट में दागी गईं। 315 बोर के तमंचों से घटना को अंजाम दिया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में रचित को सभी गोली 315 बोर की लगी पाई गई हैं। माथे में लगी गोली में देखने से लोगों को ऐसा लगा रहा था कि पिस्टल से गोली मारी गई है।
रचित की हत्या योजनाबद्ध तरीके से की गई। गांव रामपुर के दो युवक रचित को घर से बुलाकर लाए थे। रचित की हत्या के बाद से दोनों युवक लापता हैं और उनके मोबाइल स्विच ऑफ आ रहे हैं। क्षेत्र में चर्चा है कि ये दोनों युवक हत्यारोपियों से मिले हुए थे। निहत्थे रचित को इन युवकों ने लाकर हत्यारोपियों के पास छोड़ दिया और उन्होंने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाकर उसे मार डाला। रचित से जुड़े युवकों के मुुताबिक गांव रामपुर के युवक जब रचित को बाइक से ला रहे थे तो रास्ते में रचित का एक दोस्त मिला। उसने रचित को खाली हाथ जाने से मना किया। लेकिन रचित ने कोई भी हथियार ले जाने से इंकार कर दिया था। रचित को दो दिन पहले पुलिस हिरासत से छूटकर आया था। चांदपुर पुलिस ने एक मामले में रचित को पूछताछ के लिए हिरासत में ले रखा था। दो दिन पहले ही परिजन उसे छुड़ाकर लाए थे।
बीच सड़क पर रखना चाहते थे शव
हत्यारोपी रचित के शव को बीच सड़क पर डालना चाहते थे और बार बार कह रहे थे कि शव को सड़क पर डालो। उनका मकसद हत्या करने के बाद झालू में खौफ पैदा करना था। एक समुदाय के लोगों को ये युवक खुलेआम गाली दे रहे थे। कह रहे थे कि कोई मर्द का बच्चा है तो रचित को आकर बचाए। किसी ने कोई गवाही दी तो वे उसका भी काम तमाम कर देंगे। युवकों के हाथों में तमंचे देख कोई उनके पास नहीं फटका। ये युवक बार-बार पुलिस को बुलाने के लिए कह रहे थे। पुलिस जब नहीं आई तो ये खुद ही बाइक पर सवार होकर पुलिस चौकी की ओर चल दिए। रास्ते में आ रहे पुलिसकर्मियों को देखकर इन्होंने अपनी बाइक रोक ली तब पुलिसकर्मी उन्हें पकड़कर ले गए।
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वर्चस्व की थी लड़ाई गई रचित की जान
रचित की हत्या वर्चस्व को लेकर की गई। शारिक से रचित की दुश्मनी हो गई थी। हत्यारोपियों ने पुलिस को बताया कि शारिक, शादाब कई साल पहले रचित के साथ एक स्कूल में पढ़ते थे। तब उनकी आपस में दोस्ती थी। एक साल से दोनों में दुश्मनी बढ़ गई और दोनों एक दूसरे की जान के प्यासे हो गए। शादाब भी सेंट मेरी के पास कुछ युवकों पर हमला कर चुका था। रचित झालू व आसपास के इलाकों में अपना वर्चस्व कायम करना चाहता था। रचित अपने दोस्तों पर मुसीबत आने पर उनके साथ खड़ा हो जाता था। शारिक का गुट नहीं चाहता था कि इस इलाके में रचित का वर्चस्व कायम हो।
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