- जरूरत होने पर ही वरिष्ठ चिकित्सक ही देंगे सीटी स्कैन कराने का परामर्श
- कनिष्ठ डॉक्टर के लिखने पर नहीं होगा सीटी स्कैन
संवाद न्यूज एजेंसी
बिजनौर। महात्मा विदुर स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय में अब बिना जरूरत मरीजों का सीटी स्कैन नहीं होगा। अस्पताल प्रशासन ने अनावश्यक सीटी स्कैन कराने पर रोक लगा दी है। मरीज की स्थिति और बीमारी की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ चिकित्सक ही सीटी स्कैन कराने का परामर्श देंगे। अनावश्यक रूप से सीटी स्कैन कराने के मामले बढ़ने के बाद मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने यह कदम उठाया है।
मेडिकल कॉलेज में रोजाना बड़ी संख्या में मरीज उपचार के लिए पहुंचते हैं। इनमें कई मरीजों को चिकित्सकीय जांच की आवश्यकता होती है। बीमारी की सही स्थिति का पता लगाने और गंभीर मामलों में सीटी स्कैन कराते हैं। हालांकि, सभी मरीज के लिए यह जांच जरूरी नहीं होती है। ऐसे में बिना आवश्यकता सीटी स्कैन कराने से मरीजों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। जिसके चलते मेडिकल कॉलेज प्रशासन ने सीटी स्कैन की जांच प्रक्रिया को लेकर सख्ती की है।
मेडिकल कॉलेज में कनिष्ठ डॉक्टरों के लिखने मात्र से मरीज का सीटी स्कैन नहीं किया जाएगा। अब चिकित्सक मरीज की बीमारी, लक्षण और स्वास्थ्य की स्थिति का आकलन करने के बाद ही इस जांच की सलाह देंगे। सीटी स्कैन की जरूरत होने पर वरिष्ठ चिकित्सक की संस्तुति जरूरी होगी। कनिष्ठ डॉक्टरों की ओर से लिखे गए पर्चे के आधार पर सीधे सीटी स्कैन नहीं किया जाएगा।
- अनावश्यक सीटी स्कैन के ये हैं नुकसान
- सीटी स्कैन के दौरान रेडिएशन निकलने से कैंसर होने का खतरा
- कंट्रास्ट डाई से शरीर में एलर्जी की समस्या हो सकती है
- सीटी स्कैन की कंट्रास्ट डाई से किडनी के लिए खतरा है
- गर्भावस्था के दौरान शिशु का विकास, मिसकैरेज, मानसिक विकास प्रभावित होने का खतरा
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सीटी स्कैन मशीन तय सीमा के बाद सही से नहीं चल पाती है। ऐसे में कभी-कभी जरूरतमंदों की सीटी स्कैन जांच नहीं हो पाती है। मरीजों को परेशानी न हो। इसलिए, अनावश्यक सीटी स्कैन कराने पर रोक लगाई गई है। - डॉ. ललिता चौधरी, प्राचार्या, मेडिकल कॉलेज, बिजनौर