बिजनौर। थाना हीमपुर दीपा क्षेत्र के गांव मुबारकपुर खादर में शनिवार को और बेटी को जहर देकर खुद भी जहर खाने वाले बाबू राम के पिता रामरतन ने बताया कि तीन दिसंबर को गांव अकोंदाबाद बाष्टा में बाबूराम के साले की शादी थी।
बुधवार को बाबूराम अपनी पत्नी और बच्चों को ससुराल छोड़कर वापस अपने घर आ गया था, वह शादी में शामिल नहीं हुआ। भाई की शादी का कार्यक्रम निपटने के बाद रीता शुक्रवार को अपने घर वापस आ गई। बताया कि रीता और उसके बच्चों को घर छोड़ने के लिए रीता का भाई आया और जीजा बाबूराम के घर तक नहीं आया। उसने बाबूराम के चाचा के घर पर बैठकर चाय पी और लौट गया। इस बात पर बाबूराम की अपनी पत्नी से तकरार भी हुई। बाबूराम इस बात से बेहद नाराज था और उसने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।
तीन मौतों पर बिलख पड़े परिजन
दोनों मासूमों और उनके पिता की की मौत से परिवार वाले विलख पड़े। उनका रो रोकर बुरा हाल था। मृतक के घर पर आसपास के लोगों की भीड़ जमा हो गई और पूरे गांव में मातम छा गया।
सब्जी बेचकर गुजर बसर कर रहा था बाबूराम
पोस्टमार्टम हाऊस पर पहुंचे मृतक के चचेरे भाई जयदेव ने बताया कि बाबूराम सब्जी बेचने का काम करता था। ग्रामीणों ने बताया कि बाबूराम अच्छे स्वभाव का होने के साथ ही बेहद संवेदनशील था। ससुराल पक्ष को लेकर बाबूराम नाराज चल रहा था। इस नाराजगी ने साले के व्यवहार ने आग में घी डालने का काम किया और एक हंसता खेलता परिवार उजड़ गया।