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रात में मोमबत्ती में कराया जाता है प्रसव

Fri, 01 Jul 2016 12:22 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला
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मंडावर के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र के इमरजेंसी वार्ड पर लटका ताला। - फोटो : अमर उजाला
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बिजनौर में जिले में 36 लाख से ज्यादा की आबादी। इसमें भी ग्रामीण क्षेत्र की आबादी करीब 27 लाख है। विडंबना है कि जिले में लाखों लोगों की सेहत की देखभाल करने वाले स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार पड़े हुए हैं।  पीएचसी, सीएचसी शोपीस बनकर रह गए हैं। चिकित्सकों के साथ सहायक स्टाफ का टोटा है। कहीं कहीं अस्पतालों पर ताला लटकता  रहता है। कहीं जनरेटर खराब है तो कहीं पर एक्सरे मशीन              धूल फांक रही है। 169 पदों पर केवल 70 चिकित्सक ही कार्य कर रहे हैं। हालात इतने खराब हैं कि अक्सर मोमबत्ती की रोशनी में प्रसव कराने पड़ रहे हैं।
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 इतनी बड़ी आबादी में सेहत और जिंदगी बचाने के लिए 11 पीएचसी, 11 सीएचसी, 45 एडिशनल सीएचसी व 343 उप स्वास्थ्य केंद्र खुले हैं। हालांकि चिकित्सकों के 169 पद सृजित होने के बावजूद 70 चिकित्सकों की ही तैनाती है। 
हाल यह है कि एक-एक चिकित्सक को दो-दो केंद्रों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही हैं। कभी कोई डॉक्टर कहीं मिलता है तो कभी कहीं नहीं। यानी मरीज बस फार्मेसिस्ट या भगवान के भरोसे रह जाते हैं। उपचार तो दूर जरूरी जांच कराने तक के लिए मरीजों को जूझना पड़ता है।
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खून की जांच या एक्सरे के लिए जाएं बाहर
एक पीएचसी पर एक आर्थोपेडिक, एक सर्जन, एक डायग्रोलोजिस्ट, एक रेडियोलोजिस्ट, पैथोलॉजिस्ट, फीजिशयन तथा एक नेत्र या त्वचा रोग नियुक्त होना चाहिए। हालाकि अधिकतर पीएचसी पर केवल फिजीशियन ही तैनात हैं। जांच कराने के लिए लैब में जाते हैं. तो कभी एक्सरे मशीन खराब बताई जाती है तो कभी एलटी न होने की बात कहकर बाहर जांच कराने को मजबूर करा दिया जाता है।

उपस्वास्थ्य केंद्रों पर पसर जाता है सन्नाटा
जच्चा बच्चा की जांच के लिए 343 उपस्वास्थ्य केंद्र बने हैं। यहां पर एएनएम को 24 घंटे रहने के निर्देश हैं। हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में एएनएम शाम होते ही गायब हो जाती हैं। कई जगह पर रात को बिजली भागने पर सन्नाटा पसर जाता है। इन केंद्रों पर रात को बिजली गुल होने पर मोमबत्ती की रोशनी में ही महिलाओं को प्रसव कराया जाता है। 

तीन साल बाद भी नहीं मिला ट्रांसफार्मर
पीएचसी बढ़ापुर में लगा ट्रांसफार्मर 23 मार्च 2012 को चोरी हो  गया था। विभाग आज तक यहां पर दूसरा ट्रांसफार्मर नहीं लगवा           पाया है। मरीज गर्मी में ही परेशान रहते हैं। ट्रांसफार्मर चोरी होने के बाद भी निगम का बिल आना जारी है, लेकिन विभाग के           अधिकारी आंखें मूंदे बैठे हैं।

आबादी के हिसाब से चिकित्स केंद्र
जिले की आबादी             36,82,713
देहात की आबादी            27,57,401
शहरी क्षेत्र की आबादी        09,25,312 
पीएचसी                       11
सीएचसी                       11
एडिनशनल सीएचसी        45
उपस्वास्थ्य केंद्र              343
चिकित्सकों के पद           169
चिकित्सकों की तैनाती      70

शासन से की है मांग : सीएमओ
सीएमओ डा.मनमोहन अग्रवाल के अनुसार चिकित्सकों और स्टाफ की कमी हर जिले में है। पर्याप्त डॉक्टर और स्टाफ के लिए शासन को कई पत्र लिखे जा चुके हैं। इसके लिए प्रयास अब भी जारी हैं। सीमित साधनों में भी बेहतर सेवाएं देने में कोई कसर नहीं छोड़ी जा रही है।
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